फर्रुखाबाद। करीब 24 वर्ष पुराने हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-01 अभिनीतम उपाध्याय की अदालत ने बुधवार को दो सगे भाइयों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख नियत की गई है।
गांव खलासपुर निवासी मतीन हुसैन ने सात अप्रैल 2002 को कमालगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई अलाउद्दीन भतीजे करीमुद्दीन उर्फ बबलू के साथ ट्रक से पल्लेदारों को लेने रजीपुर जा रहा था। हनीफ के ट्यूबवेल के पास बबलू ने ट्रक रोका। तभी ट्रैक्टर से पहुंचे गांव पेरी दरौरा निवासी छविनाथ सिंह और उसके भाई कश्मीर सिंह ने ट्रक के सामने अपना ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। बताया कि घटना से दो दिन पहले बबलू की कश्मीर सिंह से कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश में आरोपियों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से बबलू और अलाउद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सीएचसी कमालगंज से लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें कानपुर भेज दिया। रास्ते में गुरसहायगंज के पास बबलू की मौत हो गई, जबकि अलाउद्दीन को इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पेश साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों भाइयों को दोषी ठहराया।