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ऐतिहासिक विरासतों की हिफाजत करें
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:41 PM IST
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नवाब मोहम्मद खां बंगश (नई ईदगाह) के मकबरे पर माला चढ़ाते जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु व अन्य।
- फोटो : amarujala
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नवाब मोहम्मद खां बंगश वेलफेयर सोसाइटी की ओर से मंगलवार को आयोजित जश्न-ए-फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने फर्रुखाबाद की गंगा-जमुनी तहजीब को मिसाल बताया। वहीं फर्रुखाबाद महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
हयात बाग स्थित नवाब मोहम्मद खां बंगश (नई ईदगाह) के मकबरे पर फर्रुखाबाद के 302वें स्थापना दिवस पर कुरआन ख्वानी का आयोजन हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की ऐतिहासिक विरासतों की हिफाजत करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
इस दौरान शहर के संस्थापक के नाम पर अस्पताल व मकबरों के संरक्षण की आवाज उठाई गई। इस दौरान फर्रुखाबाद महोत्सव समिति के पदाधिकारियों समेत मजार पर विभिन्न संगठनों के लोगों ने चादर पेश की। जिलाधिकारी और सपा जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता को शाल उढ़ाकर सम्मानित किया गया। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों का इतिहास नहीं भूलना चाहिए।
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जवाहर सिंह गंगवार ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुर्बानी पेश की। उनके उत्तराधिकारियों को अधिकार मिलना चाहिए।
मौलाना एजाज अहमद नूरी ने मकबरे का रास्ता खोलने की मांग की। जिलाधिकारी ने मकबरे के बंद रास्ते की जांच कराने के निर्देश उप जिलाधिकारी सदर को दिए। फर्रुखाबाद महोत्सव समिति के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण राजपूत ने फर्रुखाबाद के इतिहास पर प्रकाश डाला।
अध्यक्ष नवाब काजिम हुसैन ने मेहमानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर हाजी दिलदार हुसैन, हाजी अनीस अहमद खां, मोहम्मद यूनुस अंसारी, परवेज अली, हाजा राजा शमसी, शारिक अली, आकिल खां, साजिद अली, नवाब जुबैर, जावेद खां मौजूद रहे।
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हयात बाग स्थित नवाब मोहम्मद खां बंगश (नई ईदगाह) के मकबरे पर फर्रुखाबाद के 302वें स्थापना दिवस पर कुरआन ख्वानी का आयोजन हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की ऐतिहासिक विरासतों की हिफाजत करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
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इस दौरान शहर के संस्थापक के नाम पर अस्पताल व मकबरों के संरक्षण की आवाज उठाई गई। इस दौरान फर्रुखाबाद महोत्सव समिति के पदाधिकारियों समेत मजार पर विभिन्न संगठनों के लोगों ने चादर पेश की। जिलाधिकारी और सपा जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता को शाल उढ़ाकर सम्मानित किया गया। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों का इतिहास नहीं भूलना चाहिए।
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जवाहर सिंह गंगवार ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुर्बानी पेश की। उनके उत्तराधिकारियों को अधिकार मिलना चाहिए।
मौलाना एजाज अहमद नूरी ने मकबरे का रास्ता खोलने की मांग की। जिलाधिकारी ने मकबरे के बंद रास्ते की जांच कराने के निर्देश उप जिलाधिकारी सदर को दिए। फर्रुखाबाद महोत्सव समिति के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण राजपूत ने फर्रुखाबाद के इतिहास पर प्रकाश डाला।
अध्यक्ष नवाब काजिम हुसैन ने मेहमानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर हाजी दिलदार हुसैन, हाजी अनीस अहमद खां, मोहम्मद यूनुस अंसारी, परवेज अली, हाजा राजा शमसी, शारिक अली, आकिल खां, साजिद अली, नवाब जुबैर, जावेद खां मौजूद रहे।