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तीन गांव का रास्ता बंद, गांव के अंदर घुसने लगा बाढ़ का पानी
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गांव समैचीपुर चितार के पास भरा गंगा का पानी।
- फोटो : FARRUKHABAD
तीन गांवों का रास्ता बंद, घुसने लगा बाढ़ का पानी
अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तीन गांवों के रास्ते में पानी भरने से आवागमन ठप हो गया है। गांवों में भी पानी भरना शुरू हो गया है। ग्रामीणों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। गंगा के जलस्तर में बुधवार को बढ़ोत्तरी नहीं हुई। जलस्तर चेेतावनी बिंदु से पांच सेंटीमीटर दूर 136.55 पर स्थिर है, लेकिन रामगंगा के जलस्तर में दस सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी से कटान तेज हो गई है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 135.60 के नजदीक 136.55 मीटर पर पहुंच कर बुधवार को ठहर गया है। इससे गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है। गांव मंझा की मड़ैया व हरसिंहपुर कायस्थ के बाद गांव जोगराज के रास्ते में भी पानी भर गया है। इससे इन गांवों के लोगों का आवागमन बंद हो गया। गांव कुड़री सारंगपुर भी पानी से घिर गया है।
बुधवार को नरौरा बांध से गंगा में 61432 क्यूसेक और रामगंगा में 4278 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर 134.60 से बढ़कर 134.70 मीटर पर पहुंच गया है। लगातार जलस्तर बढ़ने से गांव कोलासोता और अलादपुर भटौली में खेतों में कटान हो रही है। अलादपुर भटौली की प्रधान शिवादेवी के देवर सोनपाल वर्मा ने बताया कि गांव से रामगंगा का पानी करीब 50 मीटर दूर रह गया है।
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इसी तरह कटान होती रही तो गांव जद में आ जाएगा। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव पलानी दक्षिण, समौचीपुर चितार, अजीजाबाद, कटरी तौफीक की मड़ैया में पानी भरने लगा है। गांव के लोगों को पानी से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीण अमर सिंह, दाताराम, धर्मपाल, मुन्नालाल ने बताया कि जलस्तर और बढ़ा तो गांव में पानी भर कर घरों में घुस जाएगा। इससे काफी दिक्कत हो जाएगी।
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अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तीन गांवों के रास्ते में पानी भरने से आवागमन ठप हो गया है। गांवों में भी पानी भरना शुरू हो गया है। ग्रामीणों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। गंगा के जलस्तर में बुधवार को बढ़ोत्तरी नहीं हुई। जलस्तर चेेतावनी बिंदु से पांच सेंटीमीटर दूर 136.55 पर स्थिर है, लेकिन रामगंगा के जलस्तर में दस सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी से कटान तेज हो गई है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 135.60 के नजदीक 136.55 मीटर पर पहुंच कर बुधवार को ठहर गया है। इससे गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है। गांव मंझा की मड़ैया व हरसिंहपुर कायस्थ के बाद गांव जोगराज के रास्ते में भी पानी भर गया है। इससे इन गांवों के लोगों का आवागमन बंद हो गया। गांव कुड़री सारंगपुर भी पानी से घिर गया है।
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बुधवार को नरौरा बांध से गंगा में 61432 क्यूसेक और रामगंगा में 4278 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर 134.60 से बढ़कर 134.70 मीटर पर पहुंच गया है। लगातार जलस्तर बढ़ने से गांव कोलासोता और अलादपुर भटौली में खेतों में कटान हो रही है। अलादपुर भटौली की प्रधान शिवादेवी के देवर सोनपाल वर्मा ने बताया कि गांव से रामगंगा का पानी करीब 50 मीटर दूर रह गया है।
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इसी तरह कटान होती रही तो गांव जद में आ जाएगा। शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव पलानी दक्षिण, समौचीपुर चितार, अजीजाबाद, कटरी तौफीक की मड़ैया में पानी भरने लगा है। गांव के लोगों को पानी से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीण अमर सिंह, दाताराम, धर्मपाल, मुन्नालाल ने बताया कि जलस्तर और बढ़ा तो गांव में पानी भर कर घरों में घुस जाएगा। इससे काफी दिक्कत हो जाएगी।