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Farrukhabad News: 15 लाख के गबन में तीसरा सचिव भी निलंबित
Thu, 27 Nov 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:45 AM IST
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फर्रुखाबाद। कायमगंज की ग्राम पंचायत बिल्हा के विकास कार्यों में 15 लाख का गबन करने के मामले में डीडीओ ने बुधवार को तीसरे सचिव को भी निलंबित कर दिया।
उन्होंने सचिव को अपने कार्यालय से संबद्ध करते हुए बीडीओ मोहम्मदाबाद को जांच अधिकारी नामित कर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
कायमगंज की विधायक डॉ. सुरभि की शिकायत पर ग्राम पंचायत बिल्हा के विकास कार्यों की जिलाधिकारी ने कमेटी से जांच कराई। इस पर प्रधान ने जांच रिपोर्ट के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय के आदेश पर डीएम ने दोबारा जांच कराई थी।
इसमें मनरेगा से करीब 10 लाख 65 हजार 960 रुपये और वित्त आयोग में चार लाख 42 हजार 268 रुपये का गबन पाया गया। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कुल 15 लाख आठ हजार 228 रुपये के गबन में दोषी प्रधान अरविंद कुमार को बर्खास्त कर तीनों सचिवों को निलंबित कर अनुशासनिक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
इस मामले में डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने ग्राम पंचायत अधिकारी संजीव कुमार गंगवार को व डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी मुनीश कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं ग्राम विकास अधिकारी कमल कुमार ने मनरेगा में गबन का दोषी माने जाने के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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बुधवार को जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी ने ग्राम निधि खाते से 90 हजार 154 रुपये गबन का दोषी मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी कमल कुमार को निलंबित कर दिया है। उन्हें अपने कार्यालय से संबद्ध कर बीडीओ मोहम्मदाबाद को जांच अधिकारी नामित किया है। बीडीओ को 15 दिन के अंदर आरोपपत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
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उन्होंने सचिव को अपने कार्यालय से संबद्ध करते हुए बीडीओ मोहम्मदाबाद को जांच अधिकारी नामित कर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
कायमगंज की विधायक डॉ. सुरभि की शिकायत पर ग्राम पंचायत बिल्हा के विकास कार्यों की जिलाधिकारी ने कमेटी से जांच कराई। इस पर प्रधान ने जांच रिपोर्ट के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय के आदेश पर डीएम ने दोबारा जांच कराई थी।
इसमें मनरेगा से करीब 10 लाख 65 हजार 960 रुपये और वित्त आयोग में चार लाख 42 हजार 268 रुपये का गबन पाया गया। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कुल 15 लाख आठ हजार 228 रुपये के गबन में दोषी प्रधान अरविंद कुमार को बर्खास्त कर तीनों सचिवों को निलंबित कर अनुशासनिक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
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इस मामले में डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने ग्राम पंचायत अधिकारी संजीव कुमार गंगवार को व डीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी मुनीश कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं ग्राम विकास अधिकारी कमल कुमार ने मनरेगा में गबन का दोषी माने जाने के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी।
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बुधवार को जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी ने ग्राम निधि खाते से 90 हजार 154 रुपये गबन का दोषी मानते हुए ग्राम विकास अधिकारी कमल कुमार को निलंबित कर दिया है। उन्हें अपने कार्यालय से संबद्ध कर बीडीओ मोहम्मदाबाद को जांच अधिकारी नामित किया है। बीडीओ को 15 दिन के अंदर आरोपपत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।