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एसडीएम के आदेश पर दुकानें तोड़ने गई टीम लौटी
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फर्रुखाबाद। एसडीएम के आदेश पर दुकानें तोड़ने पहुंची नगर पालिका की टीम बैरंग लौट गई। दुकानों को अपनी बताने वालों ने ईओ से काफी देर तक विवाद किया। ईओ और नायब तहसीलदार दुकानें तोड़ने में सफल नहीं हो सके।
शहर के ठंडी सड़क पर करीब आठ दुकानों को लेकर काफी दिन से विवाद चल रहा है। एसडीएम सदर संजय सिंह ने बीते महीने पालिका के ईओ को दुकानें तोड़ने के निर्देश दिए थे। आदेश में कहा था कि जांच में पता चला कि यह जमीन सरकारी भूमि में दर्ज है। इस पर छावनी के राधेश्याम का 18 साल से कब्जा है। कागजों में राधेश्याम का नाम भी अंकित नहीं है। इससे यह सरकारी संपत्ति मानी जाती है। लिहाजा राधेश्याम की ओर से अपने भतीजे रवी कुमार के नाम किया गया बैनामा भी गलत है।
मंगलवार को ईओ रविंद्र कुमार, नायब तहसीलदार हर्षित सिंह दुकानों को गिराने के लिए पुलिस बल के साथ शाम पांच बजे पहुंचे। इस दौरान कब्जेदारों की भीड़ ने घेर लिया। उन्होंने ईओ को अपने कागजात दिखाए। काफी देर तक विवाद के बाद कम पुलिस बल के चलते दुकानों को गिराया नहीं जा सका।
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शहर के ठंडी सड़क पर करीब आठ दुकानों को लेकर काफी दिन से विवाद चल रहा है। एसडीएम सदर संजय सिंह ने बीते महीने पालिका के ईओ को दुकानें तोड़ने के निर्देश दिए थे। आदेश में कहा था कि जांच में पता चला कि यह जमीन सरकारी भूमि में दर्ज है। इस पर छावनी के राधेश्याम का 18 साल से कब्जा है। कागजों में राधेश्याम का नाम भी अंकित नहीं है। इससे यह सरकारी संपत्ति मानी जाती है। लिहाजा राधेश्याम की ओर से अपने भतीजे रवी कुमार के नाम किया गया बैनामा भी गलत है।
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मंगलवार को ईओ रविंद्र कुमार, नायब तहसीलदार हर्षित सिंह दुकानों को गिराने के लिए पुलिस बल के साथ शाम पांच बजे पहुंचे। इस दौरान कब्जेदारों की भीड़ ने घेर लिया। उन्होंने ईओ को अपने कागजात दिखाए। काफी देर तक विवाद के बाद कम पुलिस बल के चलते दुकानों को गिराया नहीं जा सका।
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