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बॉडी निर्मित वाहन का एजेंसी से मिलेगा पंजीयन नंबर
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फर्रुखाबाद। बॉडी निर्मित वाहनों का पंजीयन नंबर अब वाहन एजेंसी से ही मिल जाएगा। एजेंसी से वाहन का चेचिस नंबर अपलोड किया जाएगा। एआरटीओ कार्यालय के पंजीयन अधिकारी नंबर पर अनुमोदन करेंगे। अस्थायी पंजीयन व्यवस्था छह दिसंबर से समाप्त कर दी जाएगी। इस संबंध में एआरटीओ ने सभी एजेंसी मालिकों को भेज दिया है।
सहायक संभागीय अधिकारी बिजेंद्र चौधरी ने जनपद के सभी वाहन विक्रेता (डीलर) को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि पूरी तरह से निर्मित मोटरयानों के डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कई परिवर्तन किए गए हैं। अब डीलर बिक्री किए वाहन का टैक्स जमा करेगा। तभी पंजीयन नंबर आवंटित होगा। नई व्यवस्था सात दिसंबर से पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश में किसी भी जिले से वाहन खरीदने पर अब अस्थायी पंजीयन करने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। राज्य से बाहर से खरीदे गए वाहनों को छह माह की वैधता का अस्थायी पंजीयन मिलेगा। व्यवस्था लागू होने के बाद डीलर स्तर से अपलोड किए गए वाहन के कागजात उसी जनपद में प्रदर्शित होंगे, जिस जनपद से पंजीयन नंबर आवंटित होगा। उसी जनपद के पंजीयन अधिकारी अनुमोदन कर सकेंगे। व्यवस्था को लागू करने से पहले 27 नवंबर को जनपद के सभी वाहन डीलरों को एनआईसी में आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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सहायक संभागीय अधिकारी बिजेंद्र चौधरी ने जनपद के सभी वाहन विक्रेता (डीलर) को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि पूरी तरह से निर्मित मोटरयानों के डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कई परिवर्तन किए गए हैं। अब डीलर बिक्री किए वाहन का टैक्स जमा करेगा। तभी पंजीयन नंबर आवंटित होगा। नई व्यवस्था सात दिसंबर से पूर्ण रूप से लागू हो जाएगी।
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उत्तर प्रदेश में किसी भी जिले से वाहन खरीदने पर अब अस्थायी पंजीयन करने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। राज्य से बाहर से खरीदे गए वाहनों को छह माह की वैधता का अस्थायी पंजीयन मिलेगा। व्यवस्था लागू होने के बाद डीलर स्तर से अपलोड किए गए वाहन के कागजात उसी जनपद में प्रदर्शित होंगे, जिस जनपद से पंजीयन नंबर आवंटित होगा। उसी जनपद के पंजीयन अधिकारी अनुमोदन कर सकेंगे। व्यवस्था को लागू करने से पहले 27 नवंबर को जनपद के सभी वाहन डीलरों को एनआईसी में आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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