{"_id":"6a6659940ff8850c02010cd4","slug":"the-madanpur-police-outposts-jeep-could-not-chase-the-car-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-145942-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: मदनपुर चौकी पुलिस की जीप कार का नहीं कर सकी पीछा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: मदनपुर चौकी पुलिस की जीप कार का नहीं कर सकी पीछा
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर हत्या होते ही इटावा-बरेली हाईवे किनारे के थाना क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के साथ चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। राजेपुर व मोहम्मदाबाद थानों की पुलिस हाईवे पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग में जुट गई। बताया गया कि सफेद रंग की एचआर नंबर की कार में सवार होकर हत्यारे भाग रहे हैं। मदनपुर चौकी पुलिस ने जीप में सवार होकर कार का पीछा किया। पर कार उनके हाथ नहीं आई।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि काली नदी के पास पुलिस ने एक ट्रक बीच सड़क पर खड़ा करा दिया। दो सिपाही भी वहां खड़े हो गए। पर बदमाश कार को नीचे उतारकर आगे निकाल ले गए। मैनपुरी के बेवर थाना पुलिस को भी सतर्क किया गया पर वहां भी कार नहीं पकड़ी जा सकी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि हत्यारे स्थानीय नहीं थे। यदि वह स्थानीय होते तो हाईवे को छोड़कर किसी दूसरे रास्ते भाग जाते। यह भी साफ है कि हत्यारे शातिर थे और उन्हें हाईवे की रास्ते की जानकारी थी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
गोली लगते ही अरुण गिरे जमीन पर, बदमाश बोला भागो
अरुण की कार के आगे कुछ दूरी पर खड़ी कार से दो बदमाश उतरे। उनमें से एक सफेद रंग के कपड़े पहने था। उसका चेहरा खुला था जबकि दूसरे बदमाश ने अंगोछे से चेहरा ढक रखा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाशों ने अपनी कार बंद नहीं की थी। सफेद कपड़े पहने युवक ने दो गोली मारी तो अरुण जमीन पर गिर पड़े। पास में खड़ी पत्नी राखी ने चीख पुकार की। तभी अरुण की कार के पास खड़ा दूसरा बदमाश बोला- भागो तभी दोनों भागकर कार में बैठ गए और मोहम्मदाबाद की ओर निकल गए। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कार में चालक सहित तीन से अधिक लोग सवार थे।
विज्ञापन
साइलेंसर लगे असलहा से हत्या होने की आशंका
लोहिया अस्पताल में सीओ सिटी अभय वर्मा ने राखी से पूछताछ की तो बताया कि अरुण के पास ही खड़े होकर पीने के लिए कोल्ड ड्रिंक की बोतल खोलने के बाद उसमें काला नमक डाला था। तभी उनके गोली मार दी गई। पर गोली चलने की आवाज इतनी धीमी थी कि वह समझी कि काला नमक बोतल में डालने की वजह से आवाज आई है। तभी अरुण लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दुकानदार भी गोली चलने की आवाज नहीं सुन सके। पास में टहल रहीं स्थानीय महिलाओं का भी यही कहना था कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। इससे यह स्पष्ट है अरुण की हत्या योजनाबद्ध तरीके से साइलेंसर लगे असलहे से की गई है।
-- -- -- -- --
पिता की हत्या से अनजान मासूम चिप्स खाता रहा
लोहिया अस्पताल की मॉर्चुरी में शव रखवाने के बाद पत्नी राखी वहीं बैठी रही। मासूम पुत्र कभी उसकी गोद में पहुंच जाता तो कभी नीचे उतरने की कोशिश करता। उसके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी। हालांकि वह चिप्स खाता रहा। उसे क्या पता कि पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
विज्ञापन
पुलिस सूत्र बताते हैं कि काली नदी के पास पुलिस ने एक ट्रक बीच सड़क पर खड़ा करा दिया। दो सिपाही भी वहां खड़े हो गए। पर बदमाश कार को नीचे उतारकर आगे निकाल ले गए। मैनपुरी के बेवर थाना पुलिस को भी सतर्क किया गया पर वहां भी कार नहीं पकड़ी जा सकी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि हत्यारे स्थानीय नहीं थे। यदि वह स्थानीय होते तो हाईवे को छोड़कर किसी दूसरे रास्ते भाग जाते। यह भी साफ है कि हत्यारे शातिर थे और उन्हें हाईवे की रास्ते की जानकारी थी।
विज्ञापन
गोली लगते ही अरुण गिरे जमीन पर, बदमाश बोला भागो
अरुण की कार के आगे कुछ दूरी पर खड़ी कार से दो बदमाश उतरे। उनमें से एक सफेद रंग के कपड़े पहने था। उसका चेहरा खुला था जबकि दूसरे बदमाश ने अंगोछे से चेहरा ढक रखा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाशों ने अपनी कार बंद नहीं की थी। सफेद कपड़े पहने युवक ने दो गोली मारी तो अरुण जमीन पर गिर पड़े। पास में खड़ी पत्नी राखी ने चीख पुकार की। तभी अरुण की कार के पास खड़ा दूसरा बदमाश बोला- भागो तभी दोनों भागकर कार में बैठ गए और मोहम्मदाबाद की ओर निकल गए। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कार में चालक सहित तीन से अधिक लोग सवार थे।
विज्ञापन
साइलेंसर लगे असलहा से हत्या होने की आशंका
लोहिया अस्पताल में सीओ सिटी अभय वर्मा ने राखी से पूछताछ की तो बताया कि अरुण के पास ही खड़े होकर पीने के लिए कोल्ड ड्रिंक की बोतल खोलने के बाद उसमें काला नमक डाला था। तभी उनके गोली मार दी गई। पर गोली चलने की आवाज इतनी धीमी थी कि वह समझी कि काला नमक बोतल में डालने की वजह से आवाज आई है। तभी अरुण लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दुकानदार भी गोली चलने की आवाज नहीं सुन सके। पास में टहल रहीं स्थानीय महिलाओं का भी यही कहना था कि उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी। इससे यह स्पष्ट है अरुण की हत्या योजनाबद्ध तरीके से साइलेंसर लगे असलहे से की गई है।
पिता की हत्या से अनजान मासूम चिप्स खाता रहा
लोहिया अस्पताल की मॉर्चुरी में शव रखवाने के बाद पत्नी राखी वहीं बैठी रही। मासूम पुत्र कभी उसकी गोद में पहुंच जाता तो कभी नीचे उतरने की कोशिश करता। उसके चेहरे पर मुस्कान नहीं थी। हालांकि वह चिप्स खाता रहा। उसे क्या पता कि पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।