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Farrukhabad News: पास-पास बैठकर व एक-दूसरे की नकल कर दी बच्चों ने निपुण परीक्षा

Tue, 26 Nov 2024 11:55 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 11:55 PM IST
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The children passed the exam successfully by sitting side by side and copying each other.
फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों में निपुण एसेस्मेंट टेस्ट (नैट) में बच्चे पास-पास बैठकर और एक-दूसरे की नकल करते हुए परीक्षा देते दिखाई दिए। परीक्षा के नियमों का पालन होते नहीं दिखाई दिया। निरीक्षण के नाम पर भी खानापूरी की गई।
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शासन के निर्देश थे कि निपुण टेस्ट सख्ती के साथ कराए जाएं। जिलाधिकारी ने इसके लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए थे। मगर मंगलवार को हुए निपुण टेस्ट में मनमानी दिखाई दी। कन्या प्राथमिक विद्यालय बजरिया में बच्चे पास-पास बैठकर एक-दूसरे की कॉपी देखकर उत्तर ओएमआर शीट पर दे रहे थे। प्रधानाध्यापक मंजू तिवारी कुर्सी पर बैठी थीं।
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फोटो खिंचते ही वह घूम-घूमकर निरीक्षण करने लगीं। उन्होंने बताया कि कक्षा पांच में पंजीकृत सभी 35 बच्चे परीक्षा देने आए। कक्षा चार में 30 में 27 बच्चे परीक्षा दे रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन में बच्चे बरामदे में जमीन पर पास-पास बैठकर परीक्षा दे रहे थे। प्रधानाध्यापक पदमा कक्षा एक व दो के बच्चों से सवाल-जवाब कर रही थीं। उन्होंने बताया कि कक्षा चार में 21 और कक्षा पांच में 27 बच्चे पंजीकृत हैं। सभी बच्चे परीक्षा देने आए हैं।
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जिला बेसिक शिक्षाधिकारी गौतम प्रसाद ने बताया कि उन्होंने तीन-चार विद्यालयों का निरीक्षण किया था, जिनमें ठीक तरह से परीक्षा हो रही थी। लगभग 89 प्रतिशत बच्चों ने निपुण परीक्षा में भाग लिया है। गौरतलब है कि जनपद में 1576 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.59 लाख बच्चे पंजीकृत हैं।


फोटो- 05,



आईडी भरने में हुई गड़बड़ी, सर्वर समस्या से ओएमआर अपलोड में उलझे



कमालगंज। प्राथमिक विद्यालय रजीपुर में कुछ ओएमआर पर रबड़ से गोला बिगड़ने के निशान बने थे। प्रधानाध्यापिका शबाना अंजुम का कहना था कि जो बच्चे ठीक से गोला नहीं भर पा रहे थे, उन्हें पहले पेंसिल से गोले भरवाने पड़े। भरे गए ओएमआर को स्कैन कर परख एप पर डाउनलोड करने में नेटवर्क समस्या से शिक्षक परेशान रहे। रसूलपुर के हेडमास्टर परवेज भी कई प्रयास के बाद भी 29 बच्चों के ओएमआर का डाटा नहीं भेज पाए। उन्होंने कहा कि सिंक डाटा पेंडिंग बता रहा। पिछली बार जूनियर में गणित व भाषा के कुल 20 प्रश्न थे। शिक्षकों का कहना है कि इस बार सभी मुख्य विषयों हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन मिलाकर 50 प्रश्न होने से परीक्षा काफी उपयोगी रही। (संवाद)
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