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24 घंटे में दो बार नो केन में बंद हुई चीनी मिल में पेराई
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कायमगंज चीनीमिल गेट पर तौल के इंतजार में खड़ी गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्राली।
- फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। किसान सहकारी चीनी मिल में गन्ने की कमी से 24 घंटे में दो बार पेराई बंद हो चुकी है। जहां एक ओर मिल में गन्ने की आवक नहीं है वहीं किसानों का कहना है अभी 40 प्रतिशत गन्ना खेतों में खड़ा है। आपूर्ति के लिए पर्चियां नहीं मिल रहीं हैं।
बार-बार नो केन में मिल बंद होने से मिल प्रशासन पेराई बंद करने की फिराक में है। ऐसा हुआ तो भारी तादाद में गन्ना खेतों में ही बर्बाद हो जाएगा। शनिवार सुबह करीब 9 बजे मिल के यार्ड में गन्ना समाप्त हो गया। इससे पेराई बंद हो गई। तीन घंटे बाद जब यार्ड में गन्ना लदे वाहनों की कतार लगी तो पेराई शुरू हो सकी।
इसके बाद रविवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे फिर गन्ने के अभाव में पेराई बंद हो गई। तौल के गेट बंद कर दिए गए। गन्ने की आवक का इंतजार होने लगा। किसानों का कहना है कि गन्ना एकत्र करने के लिए उन्हें यार्ड में रोक लिया जाता है, मिल प्रशासन को स्टॉक करना है तो गन्ना यार्ड में ढेर लगवाएं जिससे उनका वाहन खाली हो जाए।
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वे दोबारा गन्ना ला सकें। करीब दो बजे गन्ना एकत्र हुआ तब पेराई शुरू हो सकी। किसानों का सामान्य प्रजाति का काफी गन्ना खेतों में खड़ा है। उन्हें सामान्य की पर्चियां नहीं मिल रही हैं। मिल प्रशासन अर्ली प्रजाति के गन्ने की पर्ची पर सामान्य गन्ना लेने को तैयार नहीं है। इससे किसानों को डर है कि ऐसे ही नो केन दिखाकर मिल में पेराई बंद कर दी जाएगी।
बोले जिम्मेदार
जिला गन्ना अधिकारी साहबलाल यादव ने बताया यह ठीक है कि कुछ तकनीकी समस्या से किसानों को पर्चियां नहीं मिल रही हैं। इस समस्या का हल निकाल लिया गया है। किसानों के साथ बैठक कर दो दिन में समस्या का निराकरण किया जाएगा। क्षेत्र के सभी किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा।
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बार-बार नो केन में मिल बंद होने से मिल प्रशासन पेराई बंद करने की फिराक में है। ऐसा हुआ तो भारी तादाद में गन्ना खेतों में ही बर्बाद हो जाएगा। शनिवार सुबह करीब 9 बजे मिल के यार्ड में गन्ना समाप्त हो गया। इससे पेराई बंद हो गई। तीन घंटे बाद जब यार्ड में गन्ना लदे वाहनों की कतार लगी तो पेराई शुरू हो सकी।
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इसके बाद रविवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे फिर गन्ने के अभाव में पेराई बंद हो गई। तौल के गेट बंद कर दिए गए। गन्ने की आवक का इंतजार होने लगा। किसानों का कहना है कि गन्ना एकत्र करने के लिए उन्हें यार्ड में रोक लिया जाता है, मिल प्रशासन को स्टॉक करना है तो गन्ना यार्ड में ढेर लगवाएं जिससे उनका वाहन खाली हो जाए।
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वे दोबारा गन्ना ला सकें। करीब दो बजे गन्ना एकत्र हुआ तब पेराई शुरू हो सकी। किसानों का सामान्य प्रजाति का काफी गन्ना खेतों में खड़ा है। उन्हें सामान्य की पर्चियां नहीं मिल रही हैं। मिल प्रशासन अर्ली प्रजाति के गन्ने की पर्ची पर सामान्य गन्ना लेने को तैयार नहीं है। इससे किसानों को डर है कि ऐसे ही नो केन दिखाकर मिल में पेराई बंद कर दी जाएगी।
बोले जिम्मेदार
जिला गन्ना अधिकारी साहबलाल यादव ने बताया यह ठीक है कि कुछ तकनीकी समस्या से किसानों को पर्चियां नहीं मिल रही हैं। इस समस्या का हल निकाल लिया गया है। किसानों के साथ बैठक कर दो दिन में समस्या का निराकरण किया जाएगा। क्षेत्र के सभी किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा।