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मौनी अमावस्या आज, जलयात्रा से शतचंडी महायज्ञ शुरू
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रामनगरिया मेले में निकली जल यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
माघ माह की मौनी अमावस्या गुरुवार को है। गंगा तट पर बसी आस्था की नगरी में श्रद्धा का सैलाब उमड़ने लगा है। चहुंओर हर-हर गंगे के उद्घोष गूंज रहे हैं। स्वामी बच्चा बाबा के क्षेत्र से जलयात्रा के बाद शतचंडी माह यज्ञ शुरू हो गया है। बुधवार को निकली यात्रा में बच्चा स्वामी के साथ शस्त्रधारी चल रहे थे।
मेला रामनगरिया शुरू हुए एक पखवाड़ा होने जा रहा है। गुरुवार को मौनी अमावस्या है। गंगा स्नान के लिए कल्पवासियों की राउटियों में परिजन व रिश्तेदार पहुंचने लगे हैं।
इससे बुधवार को मेला में जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्वामी बच्चा बाबा के क्षेत्र में शतचंडी महायज्ञ शुरू होने से पहले सुबह जलयात्रा निकाली गई। इसका नेतृत्व बच्चा बाबा ने किया।
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जल यात्रा परिक्रमा मार्ग से दुर्वासा ऋषि आश्रम होते हुए गंगा तट पहुंची। इसमें देवी देवताओं की झांकियां सजी थीं। महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। बच्चा बाबा के साथ कई श्रद्धालु शस्त्र लेकर चल रहे थे। संतों ने हैरतअंगेज करतब भी दिखाए।
बैंडबाजों की ध्वनि पर साधु संत भजन व कीर्तन कर रहे थे। पालकी में स्वामी श्यामा नंद महाराज की मूर्ति विराजमान थी। गंगा तट पर कलशों की पूजा की गई। पीत वस्त्रधारी महिलाओं ने कलशों में गंगाजल भरकर यात्रा निकाली। यज्ञशाला में कलश स्थापित किेए गए।
इसके बाद मां शतचंडी का महायज्ञ शुरू हुआ। भक्तों ने आहुति दी। प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान ज्ञानानंद सरस्वती महाराज, किशन स्वरूप ब्रह्मचारी, छोटे भैया, जगदीश आश्रम, मंगल स्वरूप ब्रह्मचारी आदि मौजूद रहे।
जलयात्रा गंगा तट से होकर पुल के ऊपर पहुंची, तो दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। इससे जाम लग गया। यात्रा निकल जाने के बाद पुलिस ने जाम को खुलवाया। इधर शहर में लोहाई रोड पर भी जाम से लोगों को जूझना पड़ा।
जल ही जीवन है इसे न करें बर्बाद
स्वामी बच्चा बाबा शिव स्वरूप महाराज ने संदेश दिया कि जल को बर्बाद न करें और न किसी को करने दें। जल की जितनी आवश्यकता हो उतना ही प्रयोग करें। जल ही जीवन है। जब तक जल है तब तक मनुष्य, पशु-पक्षी आदि जीव-जंतु पृथ्वी पर जीवित हैं। जल नहीं रहेगा, तो हम सब नहीं रह पाएंगे। गंगा हमारी मां है। गंगा को मैला न करें। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए हम सबको जागरूक होना पड़ेगा। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए सभी को जागरूक करना है।
विचरण कर रहे अन्ना जानवर
राम की नगरी में अन्ना जानवरों का आतंक है। इससे कल्पवासी व दुकानदार परेशान हैं। मेले में घूम रहे जानवर किसी की राउटी में घुस जाते हैं, तो उसे तहस-नहस कर देते हैं। मेला बाजार में जानवरों के पहुंच जाने से भगदड़ मच जाती है। इससे दुकानदार भयभीत हैं। मेला प्रशासन ने अन्ना जानवरों को पकड़वाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। कल्पवासियों और दुकानदारों ने इन्हें पकड़वाने की मांग की है।
रात के समय अस्पताल में नहीं रहते डॉक्टर
मेले में बड़ी संख्या में गंगा भक्त कल्पवास कर रहे हैं। इनके लिए जिला प्रशासन ने मेले में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, एलोपैथिक का चार शय्या का अस्पताल खोला है। रात में कल्पवासी की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलते। ऐसे में मरीज लोहिया अस्पताल जाने के लिए मजबूर हैं। कल्पवासी सुरेश चंद्र, जगदीश, राजाराम, मुरारीलाल, जोगराज आदि ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था नहीं करनी थी, तो मेले में अस्पताल क्यों खोले गए। रात में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही रहता है। संतों ने कहा कि यदि रात में डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की, तो जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। फिर भी सुधार न हुआ, तो अनशन पर बैठ जाएंगे।
संस्कारों से होती धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से मेले के वैदिक क्षेत्र में चल रहे यजुर्वेद पारायण महायज्ञ में आहुतियां दी गईं। आचार्य ओमदेव शास्त्री ने संस्कारों पर चर्चा की। बोले, संस्कार से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। संस्कार कराना बेहद जरूरी है। आर्य समाज चरित्र निर्माण के कार्य में जुटा है। सुधांशु, धनीराम, लाखन सिंह ने भजन सुनाए। सवामी महेंद्रानंद, स्वामी विशुद्धानंद, जयपाल सिंह, राजाराम आर्य, अजीत आर्य, लालाराम आर्य आदि मौजूद रहे।
पिलाई नि:शुल्क चाय
सामाजिक संस्था अमर ज्योति एसोसिएशन ने स्वामी विवेकानंद उद्यान वाटिका के पास बुधवार को भी सुबह छह से आठ बजे तक नि:शुल्क चाय का वितरण किया। इसमें फौजी महेंद्र पाठक, प्रमोद कुमार तिवारी, रजनीश पांडेय, रविंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे। संस्था की ओर से 13 फरवरी को श्रीरामचरित मानस पाठ का आयोजन होगा।
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मेला रामनगरिया शुरू हुए एक पखवाड़ा होने जा रहा है। गुरुवार को मौनी अमावस्या है। गंगा स्नान के लिए कल्पवासियों की राउटियों में परिजन व रिश्तेदार पहुंचने लगे हैं।
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इससे बुधवार को मेला में जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्वामी बच्चा बाबा के क्षेत्र में शतचंडी महायज्ञ शुरू होने से पहले सुबह जलयात्रा निकाली गई। इसका नेतृत्व बच्चा बाबा ने किया।
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जल यात्रा परिक्रमा मार्ग से दुर्वासा ऋषि आश्रम होते हुए गंगा तट पहुंची। इसमें देवी देवताओं की झांकियां सजी थीं। महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। बच्चा बाबा के साथ कई श्रद्धालु शस्त्र लेकर चल रहे थे। संतों ने हैरतअंगेज करतब भी दिखाए।
बैंडबाजों की ध्वनि पर साधु संत भजन व कीर्तन कर रहे थे। पालकी में स्वामी श्यामा नंद महाराज की मूर्ति विराजमान थी। गंगा तट पर कलशों की पूजा की गई। पीत वस्त्रधारी महिलाओं ने कलशों में गंगाजल भरकर यात्रा निकाली। यज्ञशाला में कलश स्थापित किेए गए।
इसके बाद मां शतचंडी का महायज्ञ शुरू हुआ। भक्तों ने आहुति दी। प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान ज्ञानानंद सरस्वती महाराज, किशन स्वरूप ब्रह्मचारी, छोटे भैया, जगदीश आश्रम, मंगल स्वरूप ब्रह्मचारी आदि मौजूद रहे।
जलयात्रा गंगा तट से होकर पुल के ऊपर पहुंची, तो दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। इससे जाम लग गया। यात्रा निकल जाने के बाद पुलिस ने जाम को खुलवाया। इधर शहर में लोहाई रोड पर भी जाम से लोगों को जूझना पड़ा।
जल ही जीवन है इसे न करें बर्बाद
स्वामी बच्चा बाबा शिव स्वरूप महाराज ने संदेश दिया कि जल को बर्बाद न करें और न किसी को करने दें। जल की जितनी आवश्यकता हो उतना ही प्रयोग करें। जल ही जीवन है। जब तक जल है तब तक मनुष्य, पशु-पक्षी आदि जीव-जंतु पृथ्वी पर जीवित हैं। जल नहीं रहेगा, तो हम सब नहीं रह पाएंगे। गंगा हमारी मां है। गंगा को मैला न करें। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए हम सबको जागरूक होना पड़ेगा। गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए सभी को जागरूक करना है।
विचरण कर रहे अन्ना जानवर
राम की नगरी में अन्ना जानवरों का आतंक है। इससे कल्पवासी व दुकानदार परेशान हैं। मेले में घूम रहे जानवर किसी की राउटी में घुस जाते हैं, तो उसे तहस-नहस कर देते हैं। मेला बाजार में जानवरों के पहुंच जाने से भगदड़ मच जाती है। इससे दुकानदार भयभीत हैं। मेला प्रशासन ने अन्ना जानवरों को पकड़वाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। कल्पवासियों और दुकानदारों ने इन्हें पकड़वाने की मांग की है।
रात के समय अस्पताल में नहीं रहते डॉक्टर
मेले में बड़ी संख्या में गंगा भक्त कल्पवास कर रहे हैं। इनके लिए जिला प्रशासन ने मेले में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, एलोपैथिक का चार शय्या का अस्पताल खोला है। रात में कल्पवासी की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलते। ऐसे में मरीज लोहिया अस्पताल जाने के लिए मजबूर हैं। कल्पवासी सुरेश चंद्र, जगदीश, राजाराम, मुरारीलाल, जोगराज आदि ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था नहीं करनी थी, तो मेले में अस्पताल क्यों खोले गए। रात में केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही रहता है। संतों ने कहा कि यदि रात में डॉक्टर की व्यवस्था नहीं की, तो जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। फिर भी सुधार न हुआ, तो अनशन पर बैठ जाएंगे।
संस्कारों से होती धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की प्राप्ति
जिला आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से मेले के वैदिक क्षेत्र में चल रहे यजुर्वेद पारायण महायज्ञ में आहुतियां दी गईं। आचार्य ओमदेव शास्त्री ने संस्कारों पर चर्चा की। बोले, संस्कार से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। संस्कार कराना बेहद जरूरी है। आर्य समाज चरित्र निर्माण के कार्य में जुटा है। सुधांशु, धनीराम, लाखन सिंह ने भजन सुनाए। सवामी महेंद्रानंद, स्वामी विशुद्धानंद, जयपाल सिंह, राजाराम आर्य, अजीत आर्य, लालाराम आर्य आदि मौजूद रहे।
पिलाई नि:शुल्क चाय
सामाजिक संस्था अमर ज्योति एसोसिएशन ने स्वामी विवेकानंद उद्यान वाटिका के पास बुधवार को भी सुबह छह से आठ बजे तक नि:शुल्क चाय का वितरण किया। इसमें फौजी महेंद्र पाठक, प्रमोद कुमार तिवारी, रजनीश पांडेय, रविंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे। संस्था की ओर से 13 फरवरी को श्रीरामचरित मानस पाठ का आयोजन होगा।