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ह्रदयगति रुकने से सजायाफ्ता कैदी की सेंट्रल जेल में मौत
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:32 PM IST
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नेकराम के घर में दुखी बैठे परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में आजीवन सजा भुगत रहे कैदी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। कैदी दोहरे हत्याकांड में आजीवन सजा काट रहा था।
थाना कंपिल के गांव बिल्सड़ी के रहने वाले नेकराम कश्यप (87) पुत्र फौजदार ने वर्ष 1977 में भूमि विवाद में गांव के ही भूप नरायन, प्रेम नरायन चतुर्वेदी की हत्या कर दी थी और नेकराम को गोली मारकर घायल कर दिया था।
इस दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट रामऔतार, शंभू, शिवशंकर, नेतराम, नेकराम, कैलाशचंद्र चतुर्वेदी, स्वरूपचंद्र, सोहनलाल, सूबेदार और सत्तन के खिलाफ दर्ज कराई थी। न्यायालय ने वर्ष 1979 में इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। नेकराम को 28 सितंबर 2004 को केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ भेजा गया। जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि कैदी नेकराम कश्यप अस्थमा रोगी और एनीमिक भी था।
जून 2016 से वह जेल के अस्पताल में बंद था। गुरुवार की रात तकरीबन 3 बजे उसकी हालत बिगड़ गई। अस्थमा का दौरा पड़ गया। आनन-फानन उसे डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर परिजन आनन-फानन लोहिया अस्पताल पहुंचे।
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पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। लोहिया अस्पताल के डा. बृजेश कुमार और डॉ. अजय कुमार ने कैदी का पैनल से पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नेकराम की मौत ह्रदयगति रुक जाने के कारण हुई है।
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थाना कंपिल के गांव बिल्सड़ी के रहने वाले नेकराम कश्यप (87) पुत्र फौजदार ने वर्ष 1977 में भूमि विवाद में गांव के ही भूप नरायन, प्रेम नरायन चतुर्वेदी की हत्या कर दी थी और नेकराम को गोली मारकर घायल कर दिया था।
इस दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट रामऔतार, शंभू, शिवशंकर, नेतराम, नेकराम, कैलाशचंद्र चतुर्वेदी, स्वरूपचंद्र, सोहनलाल, सूबेदार और सत्तन के खिलाफ दर्ज कराई थी। न्यायालय ने वर्ष 1979 में इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। नेकराम को 28 सितंबर 2004 को केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ भेजा गया। जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि कैदी नेकराम कश्यप अस्थमा रोगी और एनीमिक भी था।
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जून 2016 से वह जेल के अस्पताल में बंद था। गुरुवार की रात तकरीबन 3 बजे उसकी हालत बिगड़ गई। अस्थमा का दौरा पड़ गया। आनन-फानन उसे डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर परिजन आनन-फानन लोहिया अस्पताल पहुंचे।
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पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। लोहिया अस्पताल के डा. बृजेश कुमार और डॉ. अजय कुमार ने कैदी का पैनल से पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नेकराम की मौत ह्रदयगति रुक जाने के कारण हुई है।