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Farrukhabad News: मंडी से 12.50 करोड़ का राजस्व पर पीने को पानी तक नहीं

Wed, 29 Oct 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 29 Oct 2025 12:17 AM IST
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Revenue of Rs 12.50 crore from the market but there is not even drinking water.
फोटो - 23 सातनपुर मंडी में लगा खराब वाटर कूलर। संवाद
फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर मंडी से सरकार को 12.50 करोड़ रुपये राजस्व मिलता है। इसके बावजूद आय बढ़ाने वाले किसानों को शुद्ध पानी तक नहीं मिल रहा है।
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मंडी में वर्षों पुराने लगे वाटर कूलर कबाड़ हो चुके हैं। हैंडपंप खराब हैं या फिर टूटे पड़े हैं। रोशनी का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। शहर की सातनपुर आलू मंडी में नवंबर से कारोबार शुरू हो जाएगा।
इन दिनों मंडी अनाज की खरीद जोरों पर है। धान, मक्का व बाजरा बेचने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों किसान आते हैं। इसके अलावा आढ़ती व पल्लेदारों सहित करीब 500 से अधिक लोगों का आवागमन रहता है। दिसंबर-जनवरी में आलू की आवक बढ़ने पर मंडी में आने वालों की संख्या प्रतिदिन पांच हजार से ऊपर निकल जाती है। अनाज व आलू की खरीद-फरोख्त से मंडी को प्रति वर्ष करीब 12.50 करोड़ रुपये राजस्व मिलता है।
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इसके बावजूद सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खास बात तो यह है कि मंडी से कई बार वाटर कूलर का प्रस्ताव निदेशालय व मंडी उपनिदेशक कार्यालय भेजा जा चुका है, लेकिन इन प्रस्तावों पर कोई सुनवाई नहीं की गई।
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मंडी में सुविधाओं पर नजर डालें तो मंडी में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। मंडी में लगे चार वाटर कूलरों में एक भी चालू नहीं हैै। वर्षों पुराने वाटर कूलरों के पुर्जे भी गायब होने से पूरी तरह कबाड़ हो चुके हैं। मंडी में पांच हैंडपंप लगे हैं। इनमें एक टूटा पड़ा है और तीन ठप हैं। इससे किसान व पल्लेदार प्यास लगने पर बोतल खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं।
रात में अनाज मंडी में लगी एकमात्र हाईमास्ट लाइट आधी ही जलती है। इसके अलावा कई लाइटें खराब हैं। मंडी में अधिकांश नालियां चोक हैं। सब्जी मंडी में अधिकतर जलभराव रहता है। किसानों के लिए बने नीलामी चबूतरों के टिनशेड भी टूटकर कबाड़ की तरह लटके हैं। बरसात होने पर टिनशेड के बीच पानी की धार गिरती है।
मंडी में बनता है मतगणना स्थल
पंचायत चुनाव करीब आ रहे हैं। सातनपुर मंडी में ही मतगणना स्थल बनाया जाता है। इससे यहां हजारों लोगों की भीड़ रहती है। इसके बावजूद मंडी में रोशनी व पानी की व्यवस्था के लिए अधिकारी नहीं चेत रहे हैं।


वाटर कूलर लगाने का प्रस्ताव जून में ही भेजा चुका है। लाइट व अन्य समस्याएं निस्तारित कराने के लिए भी मंडी के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रस्तावों की मंजूरी मिलते ही मंडी में वाटर कूलर व लाइट आदि लगाने का शीघ्र ही काम पूरा कराया जाएगा। अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक कराने का प्रयास होगा।
-अनूप दीक्षित, मंडी सचिव

फोटो - 23 सातनपुर मंडी में लगा खराब वाटर कूलर। संवाद

फोटो - 23 सातनपुर मंडी में लगा खराब वाटर कूलर। संवाद

फोटो - 23 सातनपुर मंडी में लगा खराब वाटर कूलर। संवाद

फोटो - 23 सातनपुर मंडी में लगा खराब वाटर कूलर। संवाद

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