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क्वारंटीन सेंटर में अव्यवस्थाओं पर सचिव निलंबित
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फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत महरूपुर राबी के प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में अव्यवस्था व ड्यूटी से गायब मिले सचिव से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने व प्राथमिकता वाले विकास कार्य न कराने पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने 25 अप्रैल को महरूपुर राबी के क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश यादव अनुपस्थित मिलेे। 28 अप्रैल को सचिव ने बीडीओ कमालगंज को स्पष्टीकरण दिया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीडीओ ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
इस पर डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने सचिव राजेश यादव को निर्देशों का अनुपालन न करने, क्वारंटीन सेंटर में भोजन न बनवाने, बाहर से आए श्रमिकों के मनरेगा जॉबकार्ड न बनवाने के आरोप में निलंबित कर दिया। इसके अलावा सचिव ने गांव राजेपुर सरायमेंदा में पारस हॉस्पिटल आगरा से आने वाले परिवार के नमूने लेने व जांच कराने के लिए गांव जाने से स्पष्ट मना कर दिया था।
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प्राथमिक विद्यालय का प्राथमिकता से कायाकल्प करने के आदेश के बावजूद काम अधूरा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अधिकांश धनराशि (कुल व्यय 18.41 लाख रुपये में से 14.15 लाख) सीसी रोड व नाली मरम्मत में खर्च की गई। यह शासन के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना थी। निलंबन अवधि में राजेश यादव आरोग्य टीम के साथ सीडीओ कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। शमसाबाद एडीओ राकेश बाथम को जांच अधिकारी नामित कर 15 दिन में आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने 25 अप्रैल को महरूपुर राबी के क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राजेश यादव अनुपस्थित मिलेे। 28 अप्रैल को सचिव ने बीडीओ कमालगंज को स्पष्टीकरण दिया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीडीओ ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
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इस पर डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने सचिव राजेश यादव को निर्देशों का अनुपालन न करने, क्वारंटीन सेंटर में भोजन न बनवाने, बाहर से आए श्रमिकों के मनरेगा जॉबकार्ड न बनवाने के आरोप में निलंबित कर दिया। इसके अलावा सचिव ने गांव राजेपुर सरायमेंदा में पारस हॉस्पिटल आगरा से आने वाले परिवार के नमूने लेने व जांच कराने के लिए गांव जाने से स्पष्ट मना कर दिया था।
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प्राथमिक विद्यालय का प्राथमिकता से कायाकल्प करने के आदेश के बावजूद काम अधूरा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अधिकांश धनराशि (कुल व्यय 18.41 लाख रुपये में से 14.15 लाख) सीसी रोड व नाली मरम्मत में खर्च की गई। यह शासन के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना थी। निलंबन अवधि में राजेश यादव आरोग्य टीम के साथ सीडीओ कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। शमसाबाद एडीओ राकेश बाथम को जांच अधिकारी नामित कर 15 दिन में आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।