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Farrukhabad News: एनओसी लिए बिना बिजली कनेक्शन, चल रहे छपाई कारखाने

Fri, 17 Jan 2025 11:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2025 11:22 PM IST
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Printing factories running without electricity connection, NOC
फर्रुखाबाद। प्रदूषण विभाग की बिना एनओसी के ही बिजली विभाग ने तमाम कपड़ा छपाई कारखानों को कनेक्शन दे दिए।
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बिजली विभाग के रहम ओ करम पर घरेलू कनेक्शनों से 100-100 पंखे, लाइटें और अन्य मशीनें चलाई जा रही हैं। इससे बिजली विभाग और पर्यावरण को बड़ा नुकसान हो रहा है। बिजली चोरी के इस खेल में बिजली विभाग के जिम्मेदारों की भी भूमिका है। प्रदूषण विभाग के छापे में इस खेल का खुलासा हुआ है।
शहर में 150 से अधिक छोटे-बड़े कपड़ा छपाई कारखाने संचालित हैं। इनमें से अंगूरीबाग के मे. रूपकिशोर अजय कुमार डाइंग एंड प्रिंटिंग वर्क्स, मे. एनआर सिल्क, मे. एसए फैशन इंडिया, मेसर्स एनआर डाइंग, मेसर्स अशोक प्रिंट्स, मेसर्स एसआर फैशन, मेसर्स अभिषेक साध और गंगा दरवाजा स्थित मेसर्स अमेरिका प्रिंटिंग वर्क्स को प्रदूषण विभाग से एनओसी मिली है। इन कारखानों में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाए गए हैं।इन्हें बिजली विभाग ने कनेक्शन भी दे रखे हैं। प्रदूषण विभाग ने सख्ती के साथ करीब सात साल पहले अभियान चलाकर अवैध कारखानों के बिजली कनेक्शन कटवाए थे। इसके बाद सभी कारखानों में बिना एनओसी बिजली कनेक्शन दे दिए गए। बिजली विभाग के क्षेत्रीय जिम्मेदारों से सेटिंग करके घरेलू कनेक्शन लेकर 100-100 पंखे, लाइटें, डाइंग मशीनें समेत अन्य उपकरण चलाए जा रहे हैं। इससे विभाग को बड़ा चूना लग रहा है।
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नौ जनवरी को प्रदूषण विभाग के सहायक पर्यावरण अभियंता फरेश कुमार की अगुवाई वाली टीम महाकुंभ में बंदी को सुनिश्चित कराने के लिए छपाई कारखानों में छापा मार रही थी। इस दौरान सलावत खां में बिना एनओसी संचालित तीन कारखानों में ताले पड़े थे, मगर बाहर बिजली का मीटर लगा देख नाराजगी जताई थी। उन्होंने मीटरों का वीडियो बनाया, मगर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई। दोनों विभागों के जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से पर्यावरण और बिजली विभाग को बड़ा चूना लग रहा है।
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सधवाड़ा में अवैध कारखानों में होता काम
सधवाड़ा मोहल्ले में 200 से अधिक चार-चार मंजिला मकान बने हैं। इसमें घरेलू कनेक्शन हैं। 50 से अधिक मकानों में कपड़ा रंगाई और छपाई का बड़ा कारोबार होता है। इसकी गवाही नालियों में भरा रंगीन पानी देता है। यहां छापा मारने की जरूरत नहीं समझी जाती।

-निर्धारित तिथियों पर बंदी सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण कर रहे हैं। अवैध रूप से चल रहे छपाई कारखानों में बिजली कनेक्शन गलत तरीके से दे दिए गए हैं। वह इस मामले में साक्ष्य के साथ विभागीय कार्रवाई करेंगे। -फरेश कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर।





छपाई कारखाने में बिना एनओसी लिए बिजली कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। अगर बिना एनओसी बिजली कनेक्शन दिया गया तो मामले की जांच कराई जाएगी। जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी जानकारी नहीं है कि बिना एनओसी के कनेक्शन चल रहे हैं। -अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग
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