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Farrukhabad News: निजीकरण का विरोध, किसान संगठनों के साथ होगी महापंचायत
Sat, 07 Jun 2025 11:26 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 07 Jun 2025 11:26 PM IST
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फर्रुखाबाद। निजीकरण के विरोध में 22 जून को होने वाली बिजली महापंचायत में किसान व उपभोक्ता संगठन भी शामिल होंगे। निजीकरण को लेकर संघर्ष समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से पांच सवाल भी पूछे हैं। इससे फिर आंदोलन तेज होने की आशंका है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत में किसानों व उपभोक्ताओं के बड़े संगठन शामिल होंगे। संघर्ष समिति ने शनिवार को पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से निजीकरण पर पांच प्रश्न पूछे। इसमें कहा कि ऊर्जा मंत्री ने छह जून को चंडीगढ़ में हुए सम्मेलन में कहा कि प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था देश में श्रेष्ठतम है।
इसके बावजूद पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण क्यों किया जा रहा है। दूसरा प्रश्न है यदि घाटे के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है तो चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव दोनों स्थानों पर विद्युत विभाग मुनाफे में था तो दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव और चंडीगढ़ में बिजली का निजीकरण क्यों किया गया। जिलाध्यक्ष अवर अभियंता अजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार काम किया जाएगा।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत में किसानों व उपभोक्ताओं के बड़े संगठन शामिल होंगे। संघर्ष समिति ने शनिवार को पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से निजीकरण पर पांच प्रश्न पूछे। इसमें कहा कि ऊर्जा मंत्री ने छह जून को चंडीगढ़ में हुए सम्मेलन में कहा कि प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था देश में श्रेष्ठतम है।
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इसके बावजूद पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण क्यों किया जा रहा है। दूसरा प्रश्न है यदि घाटे के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है तो चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव दोनों स्थानों पर विद्युत विभाग मुनाफे में था तो दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव और चंडीगढ़ में बिजली का निजीकरण क्यों किया गया। जिलाध्यक्ष अवर अभियंता अजय सिंह ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार काम किया जाएगा।
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