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Farrukhabad News: गैर इरादतन हत्या में एक को सात वर्ष की सजा
Wed, 14 Jan 2026 12:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:24 AM IST
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फर्रुखाबाद। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी रजत को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव भरखा निवासी नेत्रपाल ने 5 जून 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 30 मई 2018 की रात करीब 10 बजे उसका भाई रामवीर अपने घर की छत पर लेटा था। इसी दौरान गांव के रजत और उसका भाई केशव घर में घुस आए और रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद करने लगे। आरोपियों ने रामवीर के साथ मारपीट की और उसे उठाकर छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी कई हड्डियां टूट गईं।
घटना के दौरान आरोपियों ने भाई रामवीर के पुत्र रमन और पिता विजय बहादुर के साथ भी मारपीट की। गंभीर रूप से घायल रामवीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान केशव को निर्दोष पाते हुए उसका नाम आरोप पत्र से हटा दिया, जबकि रजत के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने रजत को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव भरखा निवासी नेत्रपाल ने 5 जून 2018 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 30 मई 2018 की रात करीब 10 बजे उसका भाई रामवीर अपने घर की छत पर लेटा था। इसी दौरान गांव के रजत और उसका भाई केशव घर में घुस आए और रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद करने लगे। आरोपियों ने रामवीर के साथ मारपीट की और उसे उठाकर छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी कई हड्डियां टूट गईं।
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घटना के दौरान आरोपियों ने भाई रामवीर के पुत्र रमन और पिता विजय बहादुर के साथ भी मारपीट की। गंभीर रूप से घायल रामवीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान केशव को निर्दोष पाते हुए उसका नाम आरोप पत्र से हटा दिया, जबकि रजत के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने रजत को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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