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Farrukhabad News: गांव जौंरा में बुखार से एक की मौत, 400 से ज्यादा बीमार
Sat, 11 Oct 2025 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 11 Oct 2025 12:15 AM IST
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फोटो-01, गांव जौंरा में स्वास्थ्य शिविर में मरीज देखते डॉ संदीप। संवाद
कायमगंज। क्षेत्र के गांव जौंरा में बुखार तेजी से फैल रहा है। गांव में लगभग हर घर में लोग बीमार हैं। तेज बुखार और प्लेटलेट्स कम होने के कारण हालात डेंगू जैसे बन गए हैं।
अब तक एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। कई मरीजों का इलाज कानपुर, लखनऊ और आगरा में चल रहा है।
करीब 20 दिन पहले गांव निवासी कालेश्वर की पत्नी राजेंद्री देवी (60) को बुखार आया था। परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए, जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में दहशत का माहौल है। संतोष दीक्षित, राहुल और उनकी पत्नी भी बुखार से पीड़ित होकर आगरा में भर्ती हैं। कई महिलाएं और बच्चे प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को गांव में मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। डॉ. संदीप के नेतृत्व में लगे कैंप में टीम ने 66 मरीजों को देखा और दवाएं दीं। टीम ने 50 लोगों के खून के नमूने भी जांचे, फिलहाल किसी में मलेरिया या डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों को वायरल बुखार है।
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टीम में सहायक लैब टेक्नीशियन अनूप कुमार, स्टाफ नर्स पूनम पाल, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार और हेल्थ सुपरवाइजर रामनरेश शामिल रहे। टीम ने गांव में कीटनाशक छिड़काव कराया। लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया। चिकित्साधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक गांव में लगातार कैंप लगाए जाएंगे। वहीं, लोगों का कहना है कि तालाबों में गंदगी फैली पड़ी है। इसी वजह से क्षेत्र में काफी मच्छर पनप रहे हैं।
दोनों तालाबों में जलकुंभी और गंदगी जमी
कायमगंज। गांव में दो बड़े तालाब हैं, जिनमें वर्षों से जलकुंभी और गंदगी जमी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों के किनारे रहने वाले ही सबसे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। देवेश दीक्षित, रामशरण और सुधाकर मिश्रा ने बताया कि गंदगी और मच्छरों की वजह से बीमारी फैल रही है।
बीडीओ आरपी सिंह ने बताया कि फिलहाल तालाबों में पानी अधिक है। पानी घटने पर उनकी सफाई प्राथमिकता से कराई जाएगी। गांव में नियमित सफाई और छिड़काव का काम कराया जा रहा है ताकि संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके। (संवाद)
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अब तक एक महिला की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। कई मरीजों का इलाज कानपुर, लखनऊ और आगरा में चल रहा है।
करीब 20 दिन पहले गांव निवासी कालेश्वर की पत्नी राजेंद्री देवी (60) को बुखार आया था। परिजन उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले गए, जहां बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में दहशत का माहौल है। संतोष दीक्षित, राहुल और उनकी पत्नी भी बुखार से पीड़ित होकर आगरा में भर्ती हैं। कई महिलाएं और बच्चे प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को गांव में मेडिकल कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। डॉ. संदीप के नेतृत्व में लगे कैंप में टीम ने 66 मरीजों को देखा और दवाएं दीं। टीम ने 50 लोगों के खून के नमूने भी जांचे, फिलहाल किसी में मलेरिया या डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों को वायरल बुखार है।
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टीम में सहायक लैब टेक्नीशियन अनूप कुमार, स्टाफ नर्स पूनम पाल, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अखिलेश कुमार और हेल्थ सुपरवाइजर रामनरेश शामिल रहे। टीम ने गांव में कीटनाशक छिड़काव कराया। लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया। चिकित्साधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक गांव में लगातार कैंप लगाए जाएंगे। वहीं, लोगों का कहना है कि तालाबों में गंदगी फैली पड़ी है। इसी वजह से क्षेत्र में काफी मच्छर पनप रहे हैं।
दोनों तालाबों में जलकुंभी और गंदगी जमी
कायमगंज। गांव में दो बड़े तालाब हैं, जिनमें वर्षों से जलकुंभी और गंदगी जमी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों के किनारे रहने वाले ही सबसे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। देवेश दीक्षित, रामशरण और सुधाकर मिश्रा ने बताया कि गंदगी और मच्छरों की वजह से बीमारी फैल रही है।
बीडीओ आरपी सिंह ने बताया कि फिलहाल तालाबों में पानी अधिक है। पानी घटने पर उनकी सफाई प्राथमिकता से कराई जाएगी। गांव में नियमित सफाई और छिड़काव का काम कराया जा रहा है ताकि संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके। (संवाद)

फोटो-01, गांव जौंरा में स्वास्थ्य शिविर में मरीज देखते डॉ संदीप। संवाद