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नगर पालिका के स्टोर में जंग खा रहे नए वाहन
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नगर पालिका स्टोर में खड़े वाहन। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। नगर पालिका चंद महीने चलने के बाद मामूली कमी होने पर मरम्मत के बजाय नए वाहन खरीद लेती है। लिहाजा कई ट्रैक्टर, कंप्रेशर मशीनें जंग खा रही हैं। इतना ही नहीं दो साल पहले जैविक व अजैविक कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने के लिए खरीदे गए अत्याधुनिक रिक्शों के पहिया व हैंडल भी गायब हो चुके हैं। सालों से खड़े वाहनों पर बड़ी घास जम चुकी है।
नगर पालिका के जिम्मेदार इन दिनों स्वच्छ भारत मिशन के तहत आने वाली रकम को आनन-फानन में खर्च करने में जुटे हैं। पालिका के सामने पानी की टंकी के नीचे करोड़ों रुपये से खरीदे गए छोटे-बड़े ट्रैक्टर और ट्रालियां, सैनिटाइज करने वाली कंप्रेशर मशीनें, जैविक और अजैविक कूड़ा एकत्रित करने वाले अत्याधुनिक रिक्शे और सेक्शन मशीनें जंग खा रही हैं। तीन छोटे ट्रैक्टर खड़े हैं। इनके टायर बिल्कुल नए दिख रहे हैं। इससे साफ है कि ये चंद महीने ही सड़कों पर चले होंगे। खराबी के बाद इनकी मरम्मत नहीं कराई गई और खुले आसमान में खड़ा कर दिया गया।
इसी परिसर में सैनिटाइज करने वाली कई कंप्रेशर मशीनें खड़ी हैं। इनके आसपास बड़ी घास जमी है। दो तो ऐसी हैं, जो दिखने में पूरी तरह सही लग रही हैं। मगर इन्हें सालों से नहीं चलाया गया है। घर-घर जैविक और अजैविक कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने के लिए पालिका ने आधुनिक रिक्शों की खरीद की थी।
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इनमें दो प्लास्टिक के बड़े टब भी लगे हैं। यह रिक्शे शहर में चलते कभी नहीं देखे गए। हालांकि परिसर में खड़े-खड़े इनके पहिए, हैंडल गायब हो गए। जंग भी खा चुकी है। यही नहीं कई अन्य वाहन भी कबाड़ हो रहे हैं। जबकि जल्द में ही नए वाहनों की खरीद की जा चुकी है।
साल भर बाद भी नहीं चले कई हूपर
घर-घर क़ूड़ा उठाने के लिए सभी 42 वार्डों के लिए आठ माह पहले हूपर खरीदे गए थे। जल्द में ही कुछ वाहनों को कूड़ा ढोने के लिए लगाया गया। मगर करीब सात वाहन अभी भी खड़े हैं। इनमें भी कुछ खराबी बताई जा रही है। इससे साफ है कि खरीद के वक्त सावधानी नहीं बरती गई।
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नगर पालिका के जिम्मेदार इन दिनों स्वच्छ भारत मिशन के तहत आने वाली रकम को आनन-फानन में खर्च करने में जुटे हैं। पालिका के सामने पानी की टंकी के नीचे करोड़ों रुपये से खरीदे गए छोटे-बड़े ट्रैक्टर और ट्रालियां, सैनिटाइज करने वाली कंप्रेशर मशीनें, जैविक और अजैविक कूड़ा एकत्रित करने वाले अत्याधुनिक रिक्शे और सेक्शन मशीनें जंग खा रही हैं। तीन छोटे ट्रैक्टर खड़े हैं। इनके टायर बिल्कुल नए दिख रहे हैं। इससे साफ है कि ये चंद महीने ही सड़कों पर चले होंगे। खराबी के बाद इनकी मरम्मत नहीं कराई गई और खुले आसमान में खड़ा कर दिया गया।
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इसी परिसर में सैनिटाइज करने वाली कई कंप्रेशर मशीनें खड़ी हैं। इनके आसपास बड़ी घास जमी है। दो तो ऐसी हैं, जो दिखने में पूरी तरह सही लग रही हैं। मगर इन्हें सालों से नहीं चलाया गया है। घर-घर जैविक और अजैविक कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने के लिए पालिका ने आधुनिक रिक्शों की खरीद की थी।
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इनमें दो प्लास्टिक के बड़े टब भी लगे हैं। यह रिक्शे शहर में चलते कभी नहीं देखे गए। हालांकि परिसर में खड़े-खड़े इनके पहिए, हैंडल गायब हो गए। जंग भी खा चुकी है। यही नहीं कई अन्य वाहन भी कबाड़ हो रहे हैं। जबकि जल्द में ही नए वाहनों की खरीद की जा चुकी है।
साल भर बाद भी नहीं चले कई हूपर
घर-घर क़ूड़ा उठाने के लिए सभी 42 वार्डों के लिए आठ माह पहले हूपर खरीदे गए थे। जल्द में ही कुछ वाहनों को कूड़ा ढोने के लिए लगाया गया। मगर करीब सात वाहन अभी भी खड़े हैं। इनमें भी कुछ खराबी बताई जा रही है। इससे साफ है कि खरीद के वक्त सावधानी नहीं बरती गई।