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फर्रुखाबादः न पालिका का विस्तार, न नगर पंचायतों की मिली मंजूरी
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फर्रुखाबाद। जनपद में सांसद, एमएलसी व चारों विधायक भाजपा व समर्थित दल के हैं। इसके बावजूद नगर निकाय का एक भी प्रस्ताव शासन में स्वीकृत नहीं हो सका। न तो दोनों नगर पालिका के विस्तार को मंजूरी मिली और न ही तीन नगर पंचायतें स्वीकृत हुईं। इससे जनप्रतिनिधि जनता में अपनी वाहवाही करने से वंचित रह गए।
प्रदेश सरकार ने 18 नगर पंचायतें स्वीकृत करने के साथ 20 नगर निकायों के सीमा विस्तार को मंजूरी दी है। इसमें भाजपा का गढ़ जनपद फर्रुखाबाद फिर खाली हाथ रह गया है। यहां विधानसभा की चारों सीटों पर भाजपा और समर्थित अपना दल का कब्जा है। इसके अलावा सांसद व एमएलसी भी भाजपा के ही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष भी भाजपा समर्थित होने से जिले में किसी दूसरी पार्टी को जनता ने पैर जमाने का मौका नहीं दिया।
जिले से नगर पालिका फर्रुखाबाद को नगर निगम बनाने व नगर पालिका कायमगंज का विस्तार करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके अलावा अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा व अमृतपुर को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव दिया था।
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वहीं, भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने खिमसेपुर को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव भेजने के साथ दोनों विधायकों ने खूब पैरवी भी की। इसके बावजूद इनकी नहीं चल सकी। प्रदेश सरकार में जब नगर निकायों स्वीकृति व विस्तारीकरण की मंजूरी मिली तो फर्रुखाबाद का पत्ता साफ दिखा।
इससे पहले मंत्रिमंडल के विस्तार में भी जिले को एक भी मंत्री न मिलने से मायूसी हाथ लगी थी। गंगा एक्सप्रेस-वे भी जनप्रतिनिधियों के लाख प्रयास के बावजूद जिले से बाहर निकल गया।
हां इतना जरूर है तीनों प्रस्तावित नगर पंचायतों की स्वीकृति न मिलने और नगरपालिकाओं के विस्तार की मंजूरी न मिलने से ग्राम पंचायतों के प्रधान काफी खुश हैं। अब उन्हें पूरे कार्यकाल की प्रधानी करने की उम्मीद बंध गई है। खिमसेपुर को नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव की जानकारी होने पर वहां के प्रधानों ने विरोध भी किया था।
इनसेट...
निराश होने की जरूरत नहीं
अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने बताया कि संकिसा, खिमसेपुर व अमृतपुर को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव प्रक्रिया में है। फर्रुखाबाद सदर व कायमगंज नगरपालिका के विस्तारीकरण की भी मंजूरी मिलेगी। इसमें निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। नवंबर में नगर निकाय चुनाव से पहले ही विस्तारीकरण व नवसृजन की मंजूरी मिलना तय है।
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प्रदेश सरकार ने 18 नगर पंचायतें स्वीकृत करने के साथ 20 नगर निकायों के सीमा विस्तार को मंजूरी दी है। इसमें भाजपा का गढ़ जनपद फर्रुखाबाद फिर खाली हाथ रह गया है। यहां विधानसभा की चारों सीटों पर भाजपा और समर्थित अपना दल का कब्जा है। इसके अलावा सांसद व एमएलसी भी भाजपा के ही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष भी भाजपा समर्थित होने से जिले में किसी दूसरी पार्टी को जनता ने पैर जमाने का मौका नहीं दिया।
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जिले से नगर पालिका फर्रुखाबाद को नगर निगम बनाने व नगर पालिका कायमगंज का विस्तार करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके अलावा अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा व अमृतपुर को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव दिया था।
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वहीं, भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने खिमसेपुर को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव भेजने के साथ दोनों विधायकों ने खूब पैरवी भी की। इसके बावजूद इनकी नहीं चल सकी। प्रदेश सरकार में जब नगर निकायों स्वीकृति व विस्तारीकरण की मंजूरी मिली तो फर्रुखाबाद का पत्ता साफ दिखा।
इससे पहले मंत्रिमंडल के विस्तार में भी जिले को एक भी मंत्री न मिलने से मायूसी हाथ लगी थी। गंगा एक्सप्रेस-वे भी जनप्रतिनिधियों के लाख प्रयास के बावजूद जिले से बाहर निकल गया।
हां इतना जरूर है तीनों प्रस्तावित नगर पंचायतों की स्वीकृति न मिलने और नगरपालिकाओं के विस्तार की मंजूरी न मिलने से ग्राम पंचायतों के प्रधान काफी खुश हैं। अब उन्हें पूरे कार्यकाल की प्रधानी करने की उम्मीद बंध गई है। खिमसेपुर को नगर पंचायत बनाए जाने के प्रस्ताव की जानकारी होने पर वहां के प्रधानों ने विरोध भी किया था।
इनसेट...
निराश होने की जरूरत नहीं
अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने बताया कि संकिसा, खिमसेपुर व अमृतपुर को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव प्रक्रिया में है। फर्रुखाबाद सदर व कायमगंज नगरपालिका के विस्तारीकरण की भी मंजूरी मिलेगी। इसमें निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। नवंबर में नगर निकाय चुनाव से पहले ही विस्तारीकरण व नवसृजन की मंजूरी मिलना तय है।