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हत्या के मुकदमे की होगी दोबारा विवेचना
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हत्या के मुकदमे में लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। नवाबगंज थानाध्यक्ष को दोबारा विवेचना करने का आदेश दिया है।
मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी निवासी विमला देवी ने कोर्ट के आदेश पर नवाबगंज के गांव बराकेशव निवासी बलवीर सिंह यादव, आदेश सिंह यादव, दीवेश यादव, पंकज, संदीप, नीटू, राजेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि पुत्र यशपाल सिंह उर्फ पिंटू की शादी 5 फरवरी 2012 को आदेश सिंह यादव की पुत्री प्रवीना के साथ हुई थी।
उसके एक पुत्री है। रक्षाबंधन पर उसके समधी अपने पुत्र के साथ आए और प्रवीना को बुला ले गए। 24 अगस्त 2014 को यशपाल प्रवीना की विदा कराने ससुुराल गया। वहां 25 अगस्त 2014 की सुबह समधी व परिजनों ने यशपाल को गोली मार दी। प्रवीना बचाने आई तो उसे भी गोली मार कर घायल कर दिया। 9 सितंबर 2014 को कानपुर में इलाज के दौरान यशपाल की मौत हो गई।
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पुलिस ने जांच के बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसमें कहा कि यशपाल का पत्नी से विवाद हुआ था। उसने पत्नी को गोली मार कर खुद गोली मार ली थी। यशपाल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। यशपाल के बाद पत्नी की भी मौत हो गई थी।
आरोपी की मृत्यु होने से जानलेवा हमले की विवेचना समाप्त कर दी गई। विमला देवी ने अधिवक्ता दीपक द्विवेदी के माध्यम से फाइनल रिपोर्ट पर कोर्ट में आपत्ति दाखिल की। सुनवाई के बाद सीजेएम ने फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया। नवाबगंज एसओ को दोबारा से विवेचना कराने का आदेश दिया है।
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मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी निवासी विमला देवी ने कोर्ट के आदेश पर नवाबगंज के गांव बराकेशव निवासी बलवीर सिंह यादव, आदेश सिंह यादव, दीवेश यादव, पंकज, संदीप, नीटू, राजेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि पुत्र यशपाल सिंह उर्फ पिंटू की शादी 5 फरवरी 2012 को आदेश सिंह यादव की पुत्री प्रवीना के साथ हुई थी।
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उसके एक पुत्री है। रक्षाबंधन पर उसके समधी अपने पुत्र के साथ आए और प्रवीना को बुला ले गए। 24 अगस्त 2014 को यशपाल प्रवीना की विदा कराने ससुुराल गया। वहां 25 अगस्त 2014 की सुबह समधी व परिजनों ने यशपाल को गोली मार दी। प्रवीना बचाने आई तो उसे भी गोली मार कर घायल कर दिया। 9 सितंबर 2014 को कानपुर में इलाज के दौरान यशपाल की मौत हो गई।
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पुलिस ने जांच के बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसमें कहा कि यशपाल का पत्नी से विवाद हुआ था। उसने पत्नी को गोली मार कर खुद गोली मार ली थी। यशपाल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। यशपाल के बाद पत्नी की भी मौत हो गई थी।
आरोपी की मृत्यु होने से जानलेवा हमले की विवेचना समाप्त कर दी गई। विमला देवी ने अधिवक्ता दीपक द्विवेदी के माध्यम से फाइनल रिपोर्ट पर कोर्ट में आपत्ति दाखिल की। सुनवाई के बाद सीजेएम ने फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया। नवाबगंज एसओ को दोबारा से विवेचना कराने का आदेश दिया है।