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कर दिया खेल, जुगाड़ के झूले हो गए फेल
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लोहिया अस्पताल के पार्क में पुरानी कुर्सियों से बना झूला। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में बने पार्क के सुंदरीकरण में खेल कर दिया गया। नये झूलों की जगह यहां अस्पताल के कबाड़ में पड़ीं बेंचों और स्ट्रेेचर से झूले बना दिए गए, जो माह भी नहीं चल सके। हरियाली के नाम पर जो पौधे लगाए गए उनमें अधिकतर सूख गए।
लोहिया अस्पताल में वर्ष 2021 के अंत में निर्माण और मरम्मत के लिए 16 लाख रुपये का बजट आया था। इस बजट को खपाने के लिए खूब मनमानी हुई। आवासीय क्षेत्र में बने पार्क की पुरानी लोहे की ग्रिल से बनी बाउंड्रीवाल को हटाकर ईंटों से पांच फीट ऊंची दीवारें बना दी गईं, जबकि लोहे की ग्रिल बाउंड्री के लिए पर्याप्त थीं। अंदर की ओर दो तरफ फुलवारी और पौधों के लिए क्यारियां बनाईं, मगर उनमें लगे चंद पौधे भी हरे नहीं हो सके।
मनमानी इतनी कि अस्पताल के कबाड़ में पड़ी लोहे की बेंचों से दो झूले बनाकर पेंट करा दिए। एक झूला दो प्लास्टिक की कुर्सी का बनाया गया। तीनों झूलों की कुर्सियां टूट गईं हैं। एक झूला अस्पताल के पुराने स्ट्रेचर से बनाकर लगा दिया गया।
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इसमें दोनों और ढाई फीट के दो पाइप लगे हैं। इससे बच्चों के नीचे गिरने की आशंका रहती है। पार्क में कहीं गिट्टी फैली है, तो कहीं ढेर लगे हैं। इससे लोगों का टहलना मुश्किल है। पार्क निर्माण के नाम पर करीब दो लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है।
पार्क में लगीं लोहे की ग्रिल भी गायब
करीब एक हजार वर्गफीट क्षेत्रफल वाले पार्क के चारों ओर तीन-तीन फीट ऊंची लोहे की ग्रिल लगी थी। पक्की दीवार खड़ी करते समय कई क्विंटल लोहे की ग्रिल निकालकर गायब कर दी गईं।
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लोहिया अस्पताल में वर्ष 2021 के अंत में निर्माण और मरम्मत के लिए 16 लाख रुपये का बजट आया था। इस बजट को खपाने के लिए खूब मनमानी हुई। आवासीय क्षेत्र में बने पार्क की पुरानी लोहे की ग्रिल से बनी बाउंड्रीवाल को हटाकर ईंटों से पांच फीट ऊंची दीवारें बना दी गईं, जबकि लोहे की ग्रिल बाउंड्री के लिए पर्याप्त थीं। अंदर की ओर दो तरफ फुलवारी और पौधों के लिए क्यारियां बनाईं, मगर उनमें लगे चंद पौधे भी हरे नहीं हो सके।
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मनमानी इतनी कि अस्पताल के कबाड़ में पड़ी लोहे की बेंचों से दो झूले बनाकर पेंट करा दिए। एक झूला दो प्लास्टिक की कुर्सी का बनाया गया। तीनों झूलों की कुर्सियां टूट गईं हैं। एक झूला अस्पताल के पुराने स्ट्रेचर से बनाकर लगा दिया गया।
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इसमें दोनों और ढाई फीट के दो पाइप लगे हैं। इससे बच्चों के नीचे गिरने की आशंका रहती है। पार्क में कहीं गिट्टी फैली है, तो कहीं ढेर लगे हैं। इससे लोगों का टहलना मुश्किल है। पार्क निर्माण के नाम पर करीब दो लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है।
पार्क में लगीं लोहे की ग्रिल भी गायब
करीब एक हजार वर्गफीट क्षेत्रफल वाले पार्क के चारों ओर तीन-तीन फीट ऊंची लोहे की ग्रिल लगी थी। पक्की दीवार खड़ी करते समय कई क्विंटल लोहे की ग्रिल निकालकर गायब कर दी गईं।