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Farrukhabad News: वृद्धा की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। वृद्धा की हत्या के दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। सजा सुनाए जाने पर पत्नी व बच्चे बिलख-बिलख कर रोते रहे।
कादरीगेट थाना क्षेत्र के गांव खानपुर मड़ैया अमेठी जदीद निवासी राजू 16 जुलाई 2014 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर निवासी बहन के घर गया था। रात को बहन के घर ही रुक गया। घर में मां नन्ही देवी, पत्नी व बच्चे थे। रात को पत्नी व बच्चे मकान के अंदर सो गए।
मां नन्ही देवी दरवाजे के बाहर चारपाई पर सो गई। सुबह पत्नी जागी तो दरवाजा बाहर से बंद पाया। बच्चों को दीवार से उतरवाकर दरवाजा खुलवाया। बाहर आकर देखा तो मां नन्ही देवी का सिर धड़ से कटा हुआ था। पत्नी की सूचना पर राजू घर आया। राजू ने अज्ञात के खिलाफ मां नन्ही देवी की धारदार हथियार से हत्या करने की तहरीर दी।
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विवेचक ने जांच के बाद गांव के धर्मवीर नट उर्फ शेरा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज विनय कुमार तृतीय ने आरोपी धर्मवीर नट उर्फ शेरा को दोषी करार किया था। सोमवार को जिला जज ने दोषी धर्मवीर नट उर्फ शेरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सजा सुनते ही धर्मवीर की पत्नी धन देवी व बच्चे बिलखने लगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सुदेश गंगवार व श्रवण कुमार ने दलीलें दीं। सजा सुनकर धर्मवीर नट की पत्नी व बच्चे रोने पीटने लगे। परिवार के लोग उनको ढांढस बंधाने में लगे हुए थे।
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कादरीगेट थाना क्षेत्र के गांव खानपुर मड़ैया अमेठी जदीद निवासी राजू 16 जुलाई 2014 को नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर निवासी बहन के घर गया था। रात को बहन के घर ही रुक गया। घर में मां नन्ही देवी, पत्नी व बच्चे थे। रात को पत्नी व बच्चे मकान के अंदर सो गए।
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मां नन्ही देवी दरवाजे के बाहर चारपाई पर सो गई। सुबह पत्नी जागी तो दरवाजा बाहर से बंद पाया। बच्चों को दीवार से उतरवाकर दरवाजा खुलवाया। बाहर आकर देखा तो मां नन्ही देवी का सिर धड़ से कटा हुआ था। पत्नी की सूचना पर राजू घर आया। राजू ने अज्ञात के खिलाफ मां नन्ही देवी की धारदार हथियार से हत्या करने की तहरीर दी।
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विवेचक ने जांच के बाद गांव के धर्मवीर नट उर्फ शेरा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज विनय कुमार तृतीय ने आरोपी धर्मवीर नट उर्फ शेरा को दोषी करार किया था। सोमवार को जिला जज ने दोषी धर्मवीर नट उर्फ शेरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सजा सुनते ही धर्मवीर की पत्नी धन देवी व बच्चे बिलखने लगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सुदेश गंगवार व श्रवण कुमार ने दलीलें दीं। सजा सुनकर धर्मवीर नट की पत्नी व बच्चे रोने पीटने लगे। परिवार के लोग उनको ढांढस बंधाने में लगे हुए थे।