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Farrukhabad News: गैंगस्टर के मुकदमे में वकील चीनू का आत्मसमर्पण
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फर्रुखाबाद। गैंगस्टर के मुकदमे में वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। माफिया सहित तीन लोगों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था।
फतेहगढ़ कोतवाल हरिश्याम सिंह ने 13 फरवरी को माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे (वर्तमान में जीआरपी इंस्पेक्टर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में मथुरा जेल में बंद), बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव गैंगलीडर संजीव पारिया (वर्तमान में शाहजहांपुर जिला जेल में बंद), कादरीगेट थाना क्षेत्र के पांचालघाट बहादुरपुर निवासी वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि यह लोग गैंग बनाकर वारदात करते हैं। इनके खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इन लोगों के खिलाफ कोई गवाही देने को तैयार नहीं है। मुकदमे की विवेचना मऊदरवाजा एसओ अमित गंगवार कर रहे हैं। वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू ने बुधवार को गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने वकील शिव प्रताप को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उनके वकील ने जमानत याचिका कोर्ट में प्रस्तुत की। कोर्ट ने जमानत पर पुलिस से आख्या मांगी है। सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि नियत की है।
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पारिया की जमानत अर्जी खारिज, अभियोजन का 36.50 करोड़ की संपत्ति का दावा
गैंगस्टर के मुकदमे में पूर्व महासचिव संजीव पारिया की मंगलवार को जमानत अर्जी पर बहस हुई थी। बचाव व अभियोजन पक्ष की ओर से दलीलें दी गईं। अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि वर्ष 2004 से 2024 तक संजीव पारिया की व्यक्तिगत व पारिवारिक आय 3.50 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं संजीव पारिया व उनके परिजनों द्वारा अर्जित संपत्ति 36.50 करोड़ रुपये है। इस तरह आय के सापेक्ष 12 गुना अधिक संपत्ति होना अभियोजन द्वारा बताया गया। कोर्ट ने पूरे प्रकरण में सुनवाई के बाद संजीव पारिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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फतेहगढ़ कोतवाल हरिश्याम सिंह ने 13 फरवरी को माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे (वर्तमान में जीआरपी इंस्पेक्टर हत्याकांड में उम्रकैद की सजा में मथुरा जेल में बंद), बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव गैंगलीडर संजीव पारिया (वर्तमान में शाहजहांपुर जिला जेल में बंद), कादरीगेट थाना क्षेत्र के पांचालघाट बहादुरपुर निवासी वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसमें आरोप लगाया कि यह लोग गैंग बनाकर वारदात करते हैं। इनके खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इन लोगों के खिलाफ कोई गवाही देने को तैयार नहीं है। मुकदमे की विवेचना मऊदरवाजा एसओ अमित गंगवार कर रहे हैं। वकील शिव प्रताप उर्फ चीनू ने बुधवार को गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने वकील शिव प्रताप को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उनके वकील ने जमानत याचिका कोर्ट में प्रस्तुत की। कोर्ट ने जमानत पर पुलिस से आख्या मांगी है। सुनवाई के लिए 16 मार्च की तिथि नियत की है।
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पारिया की जमानत अर्जी खारिज, अभियोजन का 36.50 करोड़ की संपत्ति का दावा
गैंगस्टर के मुकदमे में पूर्व महासचिव संजीव पारिया की मंगलवार को जमानत अर्जी पर बहस हुई थी। बचाव व अभियोजन पक्ष की ओर से दलीलें दी गईं। अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि वर्ष 2004 से 2024 तक संजीव पारिया की व्यक्तिगत व पारिवारिक आय 3.50 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं संजीव पारिया व उनके परिजनों द्वारा अर्जित संपत्ति 36.50 करोड़ रुपये है। इस तरह आय के सापेक्ष 12 गुना अधिक संपत्ति होना अभियोजन द्वारा बताया गया। कोर्ट ने पूरे प्रकरण में सुनवाई के बाद संजीव पारिया की जमानत अर्जी खारिज कर दी।