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आलू संबंधी उद्योग का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश
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विकास भवन के सभागार में किसान दिवस की बैठक में मौजूद डीएम।
- फोटो : FARRUKHABAD
विकास भवन सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी ने किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके साथ ही आलू की जगह औषधि संबंधी खेती कर किसानों को आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। डीएम ने आलू संबंधी उद्योग लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
किसान दिवस पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने विकास भवन सभागार में बैठक कर किसानों से समस्याएं पूछीं। उन्हें निस्तारण का भरोसा दिया। किसानों ने मजदूरों की किल्ल्त के चलते खेती को मनरेगा से जोड़ने की मांग की। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले का किसान आलू पर विशेष ध्यान दे रहा है। तीन वर्ष में एक बार आलू की फसल में मुनाफा कमा पाता है।
भाव कम होने से अक्सर किसान आलू की खेती में घाटे में या कम मुनाफे में रहता है। औषधीय खेती कर कम लागत में अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सतावर की खेती पर भी जोर दिया। जिले में आलू संबंधी उद्योग का मुद्दा उठने पर आलू विकास अधिकारी ने कहा कि बंगाल के एक्सपोर्टर यहां आलू का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए सर्वे करने आए थे।
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जिलाधिकारी ने जिले में उत्पादन को देखते हुए आलू संबंधी उद्योग लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आलू विकास एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा को अवकाश लेकर आलू इंडस्ट्री को मौके पर जाकर देखने को कहा।
इस बीच राजेपुर क्षेत्र के गांव भरखा निवासी किसान ने बैंक कर्मियों द्वारा व्यवहारिक बात न करने की शिकायत की। इस पर डीएम ने ऋण स्वीकृत कराने का भरोसा दिया। इस दौरान उपनिदेशक कृषि प्रसार राजकुमार, डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ला, पीडी राजमणि वर्मा, जिला कृषि अधिकारी डा.राकेश कुमार आदि अधिकारी व किसान मौजूद रहे।
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किसान दिवस पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने विकास भवन सभागार में बैठक कर किसानों से समस्याएं पूछीं। उन्हें निस्तारण का भरोसा दिया। किसानों ने मजदूरों की किल्ल्त के चलते खेती को मनरेगा से जोड़ने की मांग की। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले का किसान आलू पर विशेष ध्यान दे रहा है। तीन वर्ष में एक बार आलू की फसल में मुनाफा कमा पाता है।
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भाव कम होने से अक्सर किसान आलू की खेती में घाटे में या कम मुनाफे में रहता है। औषधीय खेती कर कम लागत में अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सतावर की खेती पर भी जोर दिया। जिले में आलू संबंधी उद्योग का मुद्दा उठने पर आलू विकास अधिकारी ने कहा कि बंगाल के एक्सपोर्टर यहां आलू का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए सर्वे करने आए थे।
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जिलाधिकारी ने जिले में उत्पादन को देखते हुए आलू संबंधी उद्योग लगाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आलू विकास एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा को अवकाश लेकर आलू इंडस्ट्री को मौके पर जाकर देखने को कहा।
इस बीच राजेपुर क्षेत्र के गांव भरखा निवासी किसान ने बैंक कर्मियों द्वारा व्यवहारिक बात न करने की शिकायत की। इस पर डीएम ने ऋण स्वीकृत कराने का भरोसा दिया। इस दौरान उपनिदेशक कृषि प्रसार राजकुमार, डीडीओ दुर्गादत्त शुक्ला, पीडी राजमणि वर्मा, जिला कृषि अधिकारी डा.राकेश कुमार आदि अधिकारी व किसान मौजूद रहे।