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सीडीएस में चयनित होकर किया जनपद का नाम रोशन
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अनुभव मिश्रा।
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। अपने चाचा को सेना की वर्दी में देख बड़े हुए भतीजे ने भी देशसेवा की ठान ली। इंटरमीडिएट करने के बाद बीटेक किया। बाद में एसबीआई में प्रोविजनरी आफीसर हो गया। काम का लोड अधिक होने से यूको बैंक में नौकरी ज्वाइन कर ली। पर दिल में देशसेवा का जज्बा होने से सेना में आफीसर बनने को तैयारी में जुटा रहा।
वर्ष 2019 में सीडीएस की परीक्षा दी तो एक वर्ष बाद अब परिणाम आया। उसमें पहली बार में चयन हो गया। एक साल की ट्रेनिंग के बाद अनुभव मिश्रा भी लेफ्टीनेंट बनकर देश सेवा करेगा।
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव बेला सरायगज निवासी मनोज मिश्रा दोषपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। वे शहर की आवास विकास कालोनी में रहते हैं। उनके दो बेटे बड़ा अनुभव और छोटा आयुष हैं। अनुभव ने वर्ष 2012 में इंटरमीडिएट फतेहगढ़ स्थित एक पब्लिक स्कूल से करने के बाद बीटेक गाजियाबाद से किया।
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वर्ष 2018 में प्रयागराज जोन स्टेट बैंक में प्रोविजनरी आफीसर के पद पर नौकरी लग गई। अनुभव के चाचा अनिल कुमार मिश्रा व विमल कुमार मिश्रा सेना में हैं। उन्हें उन्होंने बचपन से वर्दी में देखा और देशसेवा की उनसे बातें सुनीं। इससे अनुभव की आंखों में भी सेना में जाने का सपना पलने लगा।
अनुभव बताते हैं कि एसबीआई में काम अधिक होने से वह तैयारी नहीं कर पा रहे थे तो नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वह पूरी तरह से सीडीएस (कंबाइंड डिफेंस सर्विस) की तैयारी में जुट गए। 2 फरवरी 2019 को सीडीएस की लखनऊ में परीक्षा दी। इसके बाद मई 2019 में यूको बैंक में चयन हो गया।
उनकी तैनाती मध्यप्रदेश के शहडोल जनपद में हो गई। इन दिनों वह वहीं नौकरी कर रहे हैं। अब सीडीएस का परिणाम आया तो सूची में 136वें स्थान पर अनुभव अपना नाम देखकर उछल पड़े। मनोज मिश्रा ने बताया कि अनुभव हमेशा अपने चाचा लोगों की तरह सेना में ही अधिकारी बनने की बात कहता था। वह लक्ष्य उसने अपनी मेहनत से हासिल किया है।
एक वर्ष की चेन्नई में होगी ट्रेनिंग
अनुभव ने फोन पर बताया कि उन्हें आफीसर ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में 2 अप्रैल को ज्वाइन करना है। वहां एक वर्ष की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली तैनाती उन्हें लेफ्टीनेंट के पद पर मिलेगी।
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वर्ष 2019 में सीडीएस की परीक्षा दी तो एक वर्ष बाद अब परिणाम आया। उसमें पहली बार में चयन हो गया। एक साल की ट्रेनिंग के बाद अनुभव मिश्रा भी लेफ्टीनेंट बनकर देश सेवा करेगा।
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शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव बेला सरायगज निवासी मनोज मिश्रा दोषपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। वे शहर की आवास विकास कालोनी में रहते हैं। उनके दो बेटे बड़ा अनुभव और छोटा आयुष हैं। अनुभव ने वर्ष 2012 में इंटरमीडिएट फतेहगढ़ स्थित एक पब्लिक स्कूल से करने के बाद बीटेक गाजियाबाद से किया।
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वर्ष 2018 में प्रयागराज जोन स्टेट बैंक में प्रोविजनरी आफीसर के पद पर नौकरी लग गई। अनुभव के चाचा अनिल कुमार मिश्रा व विमल कुमार मिश्रा सेना में हैं। उन्हें उन्होंने बचपन से वर्दी में देखा और देशसेवा की उनसे बातें सुनीं। इससे अनुभव की आंखों में भी सेना में जाने का सपना पलने लगा।
अनुभव बताते हैं कि एसबीआई में काम अधिक होने से वह तैयारी नहीं कर पा रहे थे तो नौकरी छोड़ दी। इसके बाद वह पूरी तरह से सीडीएस (कंबाइंड डिफेंस सर्विस) की तैयारी में जुट गए। 2 फरवरी 2019 को सीडीएस की लखनऊ में परीक्षा दी। इसके बाद मई 2019 में यूको बैंक में चयन हो गया।
उनकी तैनाती मध्यप्रदेश के शहडोल जनपद में हो गई। इन दिनों वह वहीं नौकरी कर रहे हैं। अब सीडीएस का परिणाम आया तो सूची में 136वें स्थान पर अनुभव अपना नाम देखकर उछल पड़े। मनोज मिश्रा ने बताया कि अनुभव हमेशा अपने चाचा लोगों की तरह सेना में ही अधिकारी बनने की बात कहता था। वह लक्ष्य उसने अपनी मेहनत से हासिल किया है।
एक वर्ष की चेन्नई में होगी ट्रेनिंग
अनुभव ने फोन पर बताया कि उन्हें आफीसर ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में 2 अप्रैल को ज्वाइन करना है। वहां एक वर्ष की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद पहली तैनाती उन्हें लेफ्टीनेंट के पद पर मिलेगी।