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Farrukhabad News: गंगा-रामगंगा का जलस्तर घटा, गांवों में अब भी बाढ़ का संकट
Wed, 10 Sep 2025 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:30 AM IST
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फोटो-30, रामपुर में नाव से जाते लोग। संवाद
- फोटो : संवाद
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन गांवों में बाढ़ का संकट जस का तस बना हुआ है। हालांकि पानी घटने के बावजूद गांवों में बाढ़ का पानी अब तक नहीं उतरा है।
मंगलवार को नरौरा बांध से गंगा में 115180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर 137.30 मीटर से घटकर 137.25 मीटर पर आ गया। इसी तरह रामगंगा का जलस्तर 137.00 मीटर से घटकर 136.85 मीटर पर पहुंच गया। खो हरेली रामनगर बैराज से 24485 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर एक माह से पानी भरा होने से रास्ता बंद है। वाहनों को राजेपुर-डबरी होकर फर्रुखाबाद जाना पड़ रहा है, मगर वहां भी पानी और गड्ढों के कारण छोटे वाहन नहीं निकल पा रहे। तहसील, ब्लॉक, सीडीपीओ कार्यालय व संसाधन केंद्र राजेपुर तक पानी भरा हुआ है। घरों और गलियों में पानी भरे होने से ग्रामीण दवा और राशन लेने तक नहीं जा पा रहे हैं।
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गांव तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, गौटिया, आशा मड़ैया, मंझा, नगला दुर्गू, सुंदरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, कुड़री सारंगपुर में हालात खराब हैं। वहीं, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, उदयपुर, बरुआ, हमीरपुर सोमवंशी, कुतुलूपुर, रतनपुर, माखन नगला, कलिका नगला और रामप्रसाद नगला में हालात बेहद खराब हैं। कई परिवारों के पास चारपाई डालने तक की जगह नहीं बची। लोग या तो सड़कों पर रह रहे हैं या फिर घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं।
जमापुर डिप पर तेज बहाव, बाइक सवार बहे, ग्रामीणों ने बचाया
अमृतपुर। बाढ़ का पानी तेजी से जमापुर डिप पर बह रहा है, जिससे आवागमन खतरे में पड़ गया है। इस मार्ग से उदयपुर, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, कुबेरपुर, कुतुलूपुर, रतनपुर और कुसमापुर सहित कई गांवों के लोग रोजमर्रा का सामान लेने आते हैं।
तेज बहाव के चलते डिप पर बाइक और साइकिल सवार आए दिन गिर रहे हैं। मंगलवार को गौटिया के दो बाइक सवार पानी के तेज बहाव में बहने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को बचा लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि डिप पर खतरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होता, तब तक सुरक्षित रास्ते या नाव की व्यवस्था कराई जाए। (संवाद)
बहाव में टूटा अस्थायी पुल, ग्रामीणों ने फिर बनाया
कंपिल। बाढ़ प्रभावित गांव राईपुर चिन्हटपुर में ग्रामीणों द्वारा बनाया गया अस्थायी पुल सोमवार को बाढ़ के तेज बहाव में बह गया था। पुल टूटने से दर्जनों गांवों के हजारों लोग घंटों तक आवाजाही से वंचित रहे। कंपिल-बदायूं मार्ग पर बाढ़ का पानी सड़क काट चुका है।
इसी रास्ते से गुजरने के लिए ग्रामीणों ने बल्ली और गाटर से अस्थायी पुल तैयार किया था। मगर सोमवार को यह पुल भी पानी की रफ्तार नहीं झेल सका और टूट गया। इससे बाजार से लौट रहे लोग फंस गए। रामेश्वरनाथ मंदिर के पास नाव न मिलने से गर्भवती महिलाएं, बीमार और बुजुर्ग भूखे-प्यासे खड़े रहे।
करीब चार घंटे बाद प्रशासन ने नाव भेजी, तब जाकर वे अपने गांव लौट पाए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन 29 नावों के संचालन का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत में नावों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
मंगलवार को ग्रामीणों ने दोबारा अस्थाई पुल बनाने की कोशिश शुरू की। इसके बाद गांवों की आवाजाही एक बार फिर शुरू हो सकी। (संवाद)
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मंगलवार को नरौरा बांध से गंगा में 115180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर 137.30 मीटर से घटकर 137.25 मीटर पर आ गया। इसी तरह रामगंगा का जलस्तर 137.00 मीटर से घटकर 136.85 मीटर पर पहुंच गया। खो हरेली रामनगर बैराज से 24485 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर एक माह से पानी भरा होने से रास्ता बंद है। वाहनों को राजेपुर-डबरी होकर फर्रुखाबाद जाना पड़ रहा है, मगर वहां भी पानी और गड्ढों के कारण छोटे वाहन नहीं निकल पा रहे। तहसील, ब्लॉक, सीडीपीओ कार्यालय व संसाधन केंद्र राजेपुर तक पानी भरा हुआ है। घरों और गलियों में पानी भरे होने से ग्रामीण दवा और राशन लेने तक नहीं जा पा रहे हैं।
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गांव तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, गौटिया, आशा मड़ैया, मंझा, नगला दुर्गू, सुंदरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, कुड़री सारंगपुर में हालात खराब हैं। वहीं, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, उदयपुर, बरुआ, हमीरपुर सोमवंशी, कुतुलूपुर, रतनपुर, माखन नगला, कलिका नगला और रामप्रसाद नगला में हालात बेहद खराब हैं। कई परिवारों के पास चारपाई डालने तक की जगह नहीं बची। लोग या तो सड़कों पर रह रहे हैं या फिर घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं।
जमापुर डिप पर तेज बहाव, बाइक सवार बहे, ग्रामीणों ने बचाया
अमृतपुर। बाढ़ का पानी तेजी से जमापुर डिप पर बह रहा है, जिससे आवागमन खतरे में पड़ गया है। इस मार्ग से उदयपुर, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, कुबेरपुर, कुतुलूपुर, रतनपुर और कुसमापुर सहित कई गांवों के लोग रोजमर्रा का सामान लेने आते हैं।
तेज बहाव के चलते डिप पर बाइक और साइकिल सवार आए दिन गिर रहे हैं। मंगलवार को गौटिया के दो बाइक सवार पानी के तेज बहाव में बहने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों को बचा लिया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि डिप पर खतरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं होता, तब तक सुरक्षित रास्ते या नाव की व्यवस्था कराई जाए। (संवाद)
बहाव में टूटा अस्थायी पुल, ग्रामीणों ने फिर बनाया
कंपिल। बाढ़ प्रभावित गांव राईपुर चिन्हटपुर में ग्रामीणों द्वारा बनाया गया अस्थायी पुल सोमवार को बाढ़ के तेज बहाव में बह गया था। पुल टूटने से दर्जनों गांवों के हजारों लोग घंटों तक आवाजाही से वंचित रहे। कंपिल-बदायूं मार्ग पर बाढ़ का पानी सड़क काट चुका है।
इसी रास्ते से गुजरने के लिए ग्रामीणों ने बल्ली और गाटर से अस्थायी पुल तैयार किया था। मगर सोमवार को यह पुल भी पानी की रफ्तार नहीं झेल सका और टूट गया। इससे बाजार से लौट रहे लोग फंस गए। रामेश्वरनाथ मंदिर के पास नाव न मिलने से गर्भवती महिलाएं, बीमार और बुजुर्ग भूखे-प्यासे खड़े रहे।
करीब चार घंटे बाद प्रशासन ने नाव भेजी, तब जाकर वे अपने गांव लौट पाए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन 29 नावों के संचालन का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत में नावों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
मंगलवार को ग्रामीणों ने दोबारा अस्थाई पुल बनाने की कोशिश शुरू की। इसके बाद गांवों की आवाजाही एक बार फिर शुरू हो सकी। (संवाद)