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Farrukhabad News: लिंजीगंज में डॉक्टर समेत चार कर्मी नदारद, वेतन रोका
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फर्रुखाबाद। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। सीएमओ को लिंजीगंज सिविल अस्पताल में एक डॉक्टर समेत चार कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। उन्होंने वेतन रोकने के आदेश दिए। प्रसव कक्ष में गंदगी मिलने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी को चेतावनी दी है।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने शुक्रवार को शहर के लिंजीगंज स्थित सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सीएमओ को अस्पताल में डॉ. रिषीनाथ गुप्ता, स्टाफ नर्स रोली यादव, आरोग्य मित्र पंकज व वार्ड आया गैरहाजिर मिलीं। सीएमओ जब प्रसव कक्ष में पहुंचे। चारों ओर गंदगी फैली थी। इस पर नाराजगी व्यक्त की।
सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राणा प्रताप को गंदगी मिलने पर चेतावनी जारी की। कहा कि यह कार्यशैली ठीक नहीं है। उन्होंने गैरहाजिर डॉक्टर समेत अन्य कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। सीएमओ को बरौन सीएचसी की व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। सीएमओ ने बताया कि गैरहाजिर कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक न होने पर कार्रवाई होगी।
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संविदा डॉक्टर व कर्मी अस्पताल में देते समय
सरकारी अस्पतालों में अधिकतर संविदा के डॉक्टर और कर्मचारी तैनात हैं। कुछ डॉक्टरों के अपने अस्पताल हैं और कुछ निजी अस्पतालों में बैठते हैं। लिहाजा वह सरकारी अस्पतालों को मरीजों तक पहुंच बनाने के रूप में प्रयोग करते हैं। संविदा कर्मचारी भी निजी अस्पतालों में काम करते हैं। इसीलिए सरकारी अस्पतालों की स्थिति खराब रहती है।
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फोटो- 18,
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो बजे पड़ता ताला
शहर के मोहल्ला नौलक्खा के नाम से नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैवतपुर गढि़या कांशीराम कालोनी के पास खोला गया है। वहां अधिकारियों की नजर नहीं पहुंचती। लिहाजा डॉक्टर और कर्मचारी देर से खोलने के बाद दोपहर दो बजे तक बंद करके चले जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि पड़ोस में रह रहे एक परिवार के पास अस्पताल की चाबी रहती है। शुक्रवार दोपहर पौने दो बजे ही डॉक्टर और कर्मचारी चले गए। पड़ोसी ने बाहर से कुंडी लगा दी। शाम चार बजे ताला डाला जाता है।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने शुक्रवार को शहर के लिंजीगंज स्थित सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। सीएमओ को अस्पताल में डॉ. रिषीनाथ गुप्ता, स्टाफ नर्स रोली यादव, आरोग्य मित्र पंकज व वार्ड आया गैरहाजिर मिलीं। सीएमओ जब प्रसव कक्ष में पहुंचे। चारों ओर गंदगी फैली थी। इस पर नाराजगी व्यक्त की।
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सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राणा प्रताप को गंदगी मिलने पर चेतावनी जारी की। कहा कि यह कार्यशैली ठीक नहीं है। उन्होंने गैरहाजिर डॉक्टर समेत अन्य कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। सीएमओ को बरौन सीएचसी की व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। सीएमओ ने बताया कि गैरहाजिर कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक न होने पर कार्रवाई होगी।
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संविदा डॉक्टर व कर्मी अस्पताल में देते समय
सरकारी अस्पतालों में अधिकतर संविदा के डॉक्टर और कर्मचारी तैनात हैं। कुछ डॉक्टरों के अपने अस्पताल हैं और कुछ निजी अस्पतालों में बैठते हैं। लिहाजा वह सरकारी अस्पतालों को मरीजों तक पहुंच बनाने के रूप में प्रयोग करते हैं। संविदा कर्मचारी भी निजी अस्पतालों में काम करते हैं। इसीलिए सरकारी अस्पतालों की स्थिति खराब रहती है।
फोटो- 18,
नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो बजे पड़ता ताला
शहर के मोहल्ला नौलक्खा के नाम से नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैवतपुर गढि़या कांशीराम कालोनी के पास खोला गया है। वहां अधिकारियों की नजर नहीं पहुंचती। लिहाजा डॉक्टर और कर्मचारी देर से खोलने के बाद दोपहर दो बजे तक बंद करके चले जाते हैं। हालात ऐसे हैं कि पड़ोस में रह रहे एक परिवार के पास अस्पताल की चाबी रहती है। शुक्रवार दोपहर पौने दो बजे ही डॉक्टर और कर्मचारी चले गए। पड़ोसी ने बाहर से कुंडी लगा दी। शाम चार बजे ताला डाला जाता है।