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Farrukhabad News: बहन व उसके प्रेमी की निर्मम हत्या करने में चार सगे भाइयों पर दोषसिद्ध
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फर्रुखाबाद। प्रेम-प्रसंग के चलते बहन और उसके प्रेमी की हत्या कर शव नाले में फेंकने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) द्वितीय के न्यायाधीश सतेंद्र वर्मा ने चार सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। दोषी भाइयों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में 19 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।
थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव राजेपुर सरायमेदा निवासी महावीर सिंह ने अपने पुत्र रामकरन और उसकी प्रेमिका शिवानी की हत्या के आरोप में युवती के पांच भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 6 नवंबर 2022 को दोपहर करीब तीन बजे गांव का रतन उसके घर आया और उसके पुत्र रामकरन को बुलाकर अपने साथ ले गया। करीब 20 मिनट बाद जब वह बेटे की जानकारी करने रतन के घर पहुंचा तो वहां मौजूद रतन, उसके भाई लालू, नितिन उर्फ टनीया, नीतू और कुलदीप ने बताया कि रामकरन और उनकी बहन शिवानी के बीच प्रेम-प्रसंग था, जिस कारण उन्होंने दोनों की गर्दन काटकर हत्या कर दी। शव खंता नगला गांव से पहले पुराने नाले के पास फेंक दिए हैं।
यह सुनकर वह अपनी पत्नी जानकी देवी के साथ बताई गई जगह पर पहुंचा, जहां उसने अपने पुत्र और उसकी प्रेमिका के गर्दन कटी लाशें देखीं। पुलिस ने मामले में पांचों भाइयों के खिलाफ दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान कुलदीप के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे विवेचना से बाहर कर दिया गया। विवेचक ने रतन, लालू, नितिन उर्फ टनीया और नीतू के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वकील ने प्रभावी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर एफटीसी द्वितीय के न्यायाधीश सतेंद्र वर्मा ने चारों भाइयों को दोषी ठहराते हुए उन्हें दोहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया। अब 19 दिसंबर को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
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थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव राजेपुर सरायमेदा निवासी महावीर सिंह ने अपने पुत्र रामकरन और उसकी प्रेमिका शिवानी की हत्या के आरोप में युवती के पांच भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 6 नवंबर 2022 को दोपहर करीब तीन बजे गांव का रतन उसके घर आया और उसके पुत्र रामकरन को बुलाकर अपने साथ ले गया। करीब 20 मिनट बाद जब वह बेटे की जानकारी करने रतन के घर पहुंचा तो वहां मौजूद रतन, उसके भाई लालू, नितिन उर्फ टनीया, नीतू और कुलदीप ने बताया कि रामकरन और उनकी बहन शिवानी के बीच प्रेम-प्रसंग था, जिस कारण उन्होंने दोनों की गर्दन काटकर हत्या कर दी। शव खंता नगला गांव से पहले पुराने नाले के पास फेंक दिए हैं।
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यह सुनकर वह अपनी पत्नी जानकी देवी के साथ बताई गई जगह पर पहुंचा, जहां उसने अपने पुत्र और उसकी प्रेमिका के गर्दन कटी लाशें देखीं। पुलिस ने मामले में पांचों भाइयों के खिलाफ दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान कुलदीप के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसे विवेचना से बाहर कर दिया गया। विवेचक ने रतन, लालू, नितिन उर्फ टनीया और नीतू के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने वकील ने प्रभावी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर एफटीसी द्वितीय के न्यायाधीश सतेंद्र वर्मा ने चारों भाइयों को दोषी ठहराते हुए उन्हें दोहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया। अब 19 दिसंबर को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
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