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Farrukhabad News: फायर सेफ्टी लाचार, आखिर किस हादसे का इंतजार

Sun, 17 Nov 2024 12:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2024 12:50 AM IST
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Fire safety is helpless, what kind of accident are you waiting for?
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल का एसएनसीयू और पुरुष अस्पताल के एनआरसी वार्ड खतरनाक हैं। दोनों वार्ड में 20-20 बच्चे तक भर्ती होते हैं। यहां न तो आग बुझाने के पर्याप्त साधन हैं और न ही स्मॉक अलार्म व स्मॉक डिटेक्टर। हादसे की स्थिति में धुआं तक निकलने की व्यवस्था नहीं है। हद तो यह है कि दोनों ही वार्डों में अंदर जाने और बाहर निकलने के लिए चार फीट का एक ही गेट है।
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झांसी के मेडिकल कालेज के एसएनसीयू वार्ड में हुए अग्निकांड के बाद भी लोहिया अस्पताल के जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। शनिवार को वार्ड में 19 बच्चे भर्ती थे। प्रथम तल पर बने इस वार्ड में घुसने और निकलने के लिए एक मात्र चार फीट का गेट है। आग बुझाने के नाम पर तीन फायर उपकरण हैं। पूरे वार्ड में आग लगने की स्थिति से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं है। हद तो यह है कि यहां न तो स्मॉक अलार्म है और न स्मॉक डिटेक्टर। धुआं निकलने के लिए एक्जास्ट की व्यवस्था भी नहीं है। बालू और पानी भरी बाल्टी भी नहीं लगी हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में हालात क्या होंगे, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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अस्पताल के तीसरी मंजिल पर पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) बना है। शनिवार को भर्ती बच्चों की संख्या 11 थी। जबकि यहां कई बार 17-17 बच्चे भर्ती हो जाते हैं। यहां भी निकलने और घुसने का एक मात्र गेट है। यहां मात्र दो फायर उपकरण लगे हैं। बच्चों के साथ उनके एक-दो तीमारदार भी रहते हैं। वार्ड के लिए बना बड़े गेट को नियमित रूप से बंद कर कर दिया गया है। संकरे रास्ते से आना-जाना हो रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही बड़े हादसे का सबब बनने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने वार्ड में आग से संबंधित सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए निदेशालय से पत्र लिखने के बाद रिमाइंडर भी दिया है। अभी तक बजट नहीं मिल सका है। जो भी मुख्यालय से दिशा निर्देश मिलेंगे, वह उसका शीघ्र ही अनुपालन करेंगे। फिलहाल अपने स्तर से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का प्रयास करेंगे।
-डॉ. कैलाश दुल्हानी, सीएमएस, लोहिया महिला अस्पताल।

एनआरसी वार्ड में अधिक बच्चे भर्ती नहीं होते। आग बुझाने की सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। अभी भी फायर उपकरण पर्याप्त मात्रा में लगे हैं। जो भी दमकल विभाग निर्देश देगा उसका पालन किया जाएगा।
-डॉ.अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।





भूतल में हो एसएनसीयू वार्ड, सीएमएस बोले जगह नहीं
फर्रुखाबाद। झांसी के मेडिकल कालेज में हुए अग्निकांड के बाद जिले में मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय प्रकाश त्रिपाठी ने लोहिया अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। फायर उपकरण को चलवाकर देखा। फायर अलार्म, एग्जास्ट आदि की कमियां पूरी करने के निर्देश दिए। चार बार नोटिस के बाद भी कमियां पूरी न करने पर नाराजगी व्यक्त की। बच्चों को भर्ती कर इलाज करने वाले अस्पतालों की व्यवस्थाएं भी देखीं। वहीं सीएमएस ने भूतल में कोई इंतजाम न होने की बात कही है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय प्रकाश त्रिपाठी लोहिया महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड पहुंचे। वार्ड में चौड़े गेट की बजाय मात्र एक संकरा गेट मिला। उन्हें तीन फायर उपकरण लगे मिले। जांच में पता चला कि वार्ड में यदि आग लग जाए, तो अलार्म की कोई व्यवस्था नहीं है। यही नहीं एग्जास्ट भी नहीं मिला। स्मॉक डिटेक्टर की भी व्यवस्था नहीं थी। इस पर नाराजगी व्यक्त की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि वह पहले भी निरीक्षण करके कई निर्देश दे चुके हैं, उनका अभी तक पालन नहीं किया गया है।
उन्होेंने बताया कि उन्होंने भूतल पर एसएनसीयू होने का सुझाव दिया था। चार बार नोटिस देकर फायर डिटेक्टर, फायर अलार्म और एग्जास्ट लगवाने के लिए कह चुके हैं। मगर अभी तक व्यवस्था नहीं की गई है। वह निरीक्षण आख्या उच्चाधिकारियों को भी भेजकर हालातों से अवगत करवाएंगे। उन्होंने शहर में जिन निजी अस्पतालों में भर्ती करके बच्चों का इलाज होता है, वहां भी निरीक्षण किया। किसी में भी फायर के मानक पूरे नहीं दिखे। उन्होंने फिर एक नोटिस देने की बात कही।

सीएमएस डॉ. कैलाश दुल्हानी ने बताया कि जो भी कमियां हैं, उनको शीघ्र पूरा कराने का प्रयास करेंगे। भूतल पर वार्ड को शिफ्ट करने के लिए कोई स्थान नहीं है।
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