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Farrukhabad News: चीनी मिल बंदी का अंतिम नोटिस जारी, लक्ष्य से पीछे है पेराई
Sun, 09 Mar 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 09 Mar 2025 11:54 PM IST
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चीनी मिल में ट्रैक्टर ट्रॉली से गन्ना अनलोड करती क्रेन।
- फोटो : चीनी मिल में ट्रैक्टर ट्रॉली से गन्ना अनलोड करती क्रेन।
कायमगंज। चीनी मिल से पेराई बंदी का दूसरा नोटिस जारी होने के बावजूद गन्ना आपूर्ति में सुधार न होने पर मिल की ओर से 11 मार्च को पेराई बंद करने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया गया है। जबकि निर्धारित लक्ष्य से पेराई काफी पीछे चल रही है।
क्षेत्र में किसानों की गन्ना फसल खरीदने की जिम्मेदारी चीनी मिल की होती है। इसके लिए शासन का गन्ना विभाग भी सक्रिय रहता है। गन्ना विभाग द्वारा उपज का आकलन कर सर्वे के आधार पर किसान बार गन्ना का सट्टा निर्धारण कर चीनी मिल को उपलब्ध कराता है। उसी आधार पर जारी गन्ना आपूर्ति पर्चियों पर किसान चीनी मिल को गन्ना उपलब्ध कराते हैं।
इस बार सर्वे के आधार पर करीब 16 लाख क्विंटल गन्ना की खरीद कर पेराई की जानी थी, जो अभी लक्ष्य से काफी पीछे है। मिल में गन्ना की आवक इतनी कम हो गई है कि गन्ने के अभाव में प्लांट धीमी गति से चल रहा है। इस पर चीनी मिल के शादाब असलम ने पेराई बंद करने के लिए शुक्रवार को तीसरा व अंतिम नोटिस जारी कर 11 मार्च को पेराई बंद करने की घोषणा कर दी है।
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नोटिस में कहा गया कि सभी पर्चियां जारी कर दिए जाने व पर्ची मुक्त खरीद भी शुरू कर दिए जाने के बावजूद मिल में उसकी दैनिक क्षमता के अनुरूप गन्ना नहीं आ रहा। जिससे मिल रुक-रुक कर चल रही है।
चीनी मिल के जीएम शादाब असलम व सीसीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष मिल ने 13 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 1.19 लाख क्विंटल चीनी बनाई। इस वर्ष अब तक 9.90 लाख क्विंटल पेराई हुई है, इससे 90 हजार क्विंटल चीनी बनी है। कहा किसानों से अपील है कि यदि उनके पास गन्ना शेष हो तो उसे मिल में जल्द आपूर्ति कर दें।
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क्षेत्र में किसानों की गन्ना फसल खरीदने की जिम्मेदारी चीनी मिल की होती है। इसके लिए शासन का गन्ना विभाग भी सक्रिय रहता है। गन्ना विभाग द्वारा उपज का आकलन कर सर्वे के आधार पर किसान बार गन्ना का सट्टा निर्धारण कर चीनी मिल को उपलब्ध कराता है। उसी आधार पर जारी गन्ना आपूर्ति पर्चियों पर किसान चीनी मिल को गन्ना उपलब्ध कराते हैं।
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इस बार सर्वे के आधार पर करीब 16 लाख क्विंटल गन्ना की खरीद कर पेराई की जानी थी, जो अभी लक्ष्य से काफी पीछे है। मिल में गन्ना की आवक इतनी कम हो गई है कि गन्ने के अभाव में प्लांट धीमी गति से चल रहा है। इस पर चीनी मिल के शादाब असलम ने पेराई बंद करने के लिए शुक्रवार को तीसरा व अंतिम नोटिस जारी कर 11 मार्च को पेराई बंद करने की घोषणा कर दी है।
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नोटिस में कहा गया कि सभी पर्चियां जारी कर दिए जाने व पर्ची मुक्त खरीद भी शुरू कर दिए जाने के बावजूद मिल में उसकी दैनिक क्षमता के अनुरूप गन्ना नहीं आ रहा। जिससे मिल रुक-रुक कर चल रही है।
चीनी मिल के जीएम शादाब असलम व सीसीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष मिल ने 13 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 1.19 लाख क्विंटल चीनी बनाई। इस वर्ष अब तक 9.90 लाख क्विंटल पेराई हुई है, इससे 90 हजार क्विंटल चीनी बनी है। कहा किसानों से अपील है कि यदि उनके पास गन्ना शेष हो तो उसे मिल में जल्द आपूर्ति कर दें।