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आरोग्य मेले में बढ़े बुखार के मरीज, डेंगू की किट नहीं
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज में मरीज देखती डॉ. अंजुला गोस्वामी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लग रहे जन आरोग्य मेलों में बुखार के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। ज्यादातर बुखार मरीज डेंगू से आशंकित हैं। आरोग्य मेलों में वह डेंगू जांच की आस में पहुंचते हैं लेकिन ज्यादातर पीएचसी में जांच किटें ही नहीं थीं। पैरासीटामॉल टेबलेट भी जरूरत के अनुसार नहीं हैं। रविवार को 31 पीएचसी पर लगे आरोग्य मेलों में 1486 मरीज पहुंचे थे।
रकाबगंज में पैरासीटामॉल की कमी
दोपहर 11:49 बजे : रकाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ.शोभा सक्सेना महिला मरीज को देख रही थीं। उस दौरान दूसरा मरीज नहीं था। इसके पहले 11 मरीज दवा लेकर जा चुके थे। इनमें चार की मलेरिया जांच हुई और रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉ.शोभा ने बताया कि ज्यादातर बुखार के मरीज अधिक हैं। अस्पताल में पैरासीटामॉल की कमी है। मरीज को केवल दो दिन की खुराक ही दी जा रही हैं। दूर से आने वाले मरीजों को पांच दिन की दवा दी जाती है। फार्मासिस्ट ने डिमांड के मुताबिक पैरासीटामॉल न मिलने की शिकायत की।
मरीज की नहीं हो सकी डेंगू की जांच
दोपहर 12:06 बजे : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज में डॉ.अंजुला गोस्वामी के कक्ष में आठ मरीज थे। वह मरीजों की जांच कर दवाएं लिख रहीं थी। कुल आए 20 मरीज आए, इनमें छह की जांच की गई। बुखार से पीड़ित शांति देवी ने बताया कि मलेरिया व टाइफाइड की जांच करा चुकी हैं। डेंगू की जांच कराना चाहती हैं लेकिन अस्पताल में किट ही नहीं है। डॉ.अंजुला ने बताया कि डेंगू जांच किट नहीं मिली है।
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दोपहर 3:10 बजे : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोलपुर में सन्नाटा था, डॉ.स्मिता शाक्य की कुर्सी भी खाली थी। डॉ.नमिता निगम आई ही नहीं थीं। फार्मासिस्ट अखिलेश व एलटी विनय कुमार ने बताया कि 48 मरीज आए और 46 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 20 डेंगू की किट उपलब्ध हैं। दो मरीजों की टाइफाइड जांच हुई, इसमें एक पॉजिटिव निकला। मलेरिया की तीन जांचों में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आई और दवाई लेकर चली गईं।
शमसाबाद की रोशनाबाद पीएचसी का में सब ठीक मिला। अस्पतालों को मांग के अनुसार डेंगू किट उपलब्ध कराई जाएंगी। आरोग्य मेले की किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर सीधे संपर्क कर सकते हैं। -डॉ.सतीश चंद्रा,
सीएमओ
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रकाबगंज में पैरासीटामॉल की कमी
दोपहर 11:49 बजे : रकाबगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ.शोभा सक्सेना महिला मरीज को देख रही थीं। उस दौरान दूसरा मरीज नहीं था। इसके पहले 11 मरीज दवा लेकर जा चुके थे। इनमें चार की मलेरिया जांच हुई और रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉ.शोभा ने बताया कि ज्यादातर बुखार के मरीज अधिक हैं। अस्पताल में पैरासीटामॉल की कमी है। मरीज को केवल दो दिन की खुराक ही दी जा रही हैं। दूर से आने वाले मरीजों को पांच दिन की दवा दी जाती है। फार्मासिस्ट ने डिमांड के मुताबिक पैरासीटामॉल न मिलने की शिकायत की।
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मरीज की नहीं हो सकी डेंगू की जांच
दोपहर 12:06 बजे : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साहबगंज में डॉ.अंजुला गोस्वामी के कक्ष में आठ मरीज थे। वह मरीजों की जांच कर दवाएं लिख रहीं थी। कुल आए 20 मरीज आए, इनमें छह की जांच की गई। बुखार से पीड़ित शांति देवी ने बताया कि मलेरिया व टाइफाइड की जांच करा चुकी हैं। डेंगू की जांच कराना चाहती हैं लेकिन अस्पताल में किट ही नहीं है। डॉ.अंजुला ने बताया कि डेंगू जांच किट नहीं मिली है।
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दोपहर 3:10 बजे : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोलपुर में सन्नाटा था, डॉ.स्मिता शाक्य की कुर्सी भी खाली थी। डॉ.नमिता निगम आई ही नहीं थीं। फार्मासिस्ट अखिलेश व एलटी विनय कुमार ने बताया कि 48 मरीज आए और 46 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 20 डेंगू की किट उपलब्ध हैं। दो मरीजों की टाइफाइड जांच हुई, इसमें एक पॉजिटिव निकला। मलेरिया की तीन जांचों में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आई और दवाई लेकर चली गईं।
शमसाबाद की रोशनाबाद पीएचसी का में सब ठीक मिला। अस्पतालों को मांग के अनुसार डेंगू किट उपलब्ध कराई जाएंगी। आरोग्य मेले की किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर सीधे संपर्क कर सकते हैं। -डॉ.सतीश चंद्रा,
सीएमओ