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Farrukhabad News: अवकाश के दिन महंगी बिकी खाद, किसानों का हंगामा
Sun, 28 Sep 2025 11:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:41 PM IST
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फोटो-03, साधन सहकारी समिति हुसैनपुर हड़ाई में खाद के लिए खड़े किसान। संवाद
अमृतपुर। ब्लॉक क्षेत्र की सहकारी समिति हुसैनपुर हड़ाई पर अवकाश के दिन खाद वितरण को लेकर जमकर मनमानी करने का आरोप है।
समिति सचिव की अनुपस्थिति में एक कर्मचारी ने डीएपी खाद का वितरण किया। आरोप है कि इस दौरान उसने अपने परिचितों को प्राथमिकता देते हुए खाद बांटी और सरकारी दर से 10 रुपये अधिक वसूल किए।
किसान रिंकू, अतुल कुमार, राजीव कुमार, सुशील कुमार आदि ने बताया कि डीएपी खाद का सरकारी मूल्य 1350 रुपये है, जबकि उनसे 1360 रुपये वसूले गए। किसानों का आरोप है कि समिति के कर्मचारी की मनमानी के कारण कई दिनों से खाद नहीं मिल रही है, जिससे आलू की बोआई प्रभावित हो रही है। खाद न मिलने पर किसानों ने हंगामा किया।
समिति सचिव प्रांशु शुक्ला ने कहा कि शनिवार को किसानों का मशीन पर अंगूठा लगवाया गया था। रविवार को उन्हीं किसानों को गोदाम से खाद दी गई। उन्होंने कहा कि खाद सरकारी मूल्य पर ही वितरित की जा रही है। यदि किसी कर्मचारी ने अतिरिक्त रुपये लिए हैं, तो उन्हें वापस कराया जाएगा।
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खरीद पर्ची नहीं बनाई
गांव मुजहा के कमलेश ने बताया कि उन्होंने दिन में कागज जमा कर दिए, लेकिन खरीद पर्ची नहीं बनाई गई। खाद भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
चहेतों को खाद
जिलेदार ने बताया कि चार दिन पहले कागज जमा करने के बावजूद अब तक खिताब नहीं बनी है। आरोप है कि कर्मचारी अपने चहेतों को ही खाद दे रहा है।
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समिति सचिव की अनुपस्थिति में एक कर्मचारी ने डीएपी खाद का वितरण किया। आरोप है कि इस दौरान उसने अपने परिचितों को प्राथमिकता देते हुए खाद बांटी और सरकारी दर से 10 रुपये अधिक वसूल किए।
किसान रिंकू, अतुल कुमार, राजीव कुमार, सुशील कुमार आदि ने बताया कि डीएपी खाद का सरकारी मूल्य 1350 रुपये है, जबकि उनसे 1360 रुपये वसूले गए। किसानों का आरोप है कि समिति के कर्मचारी की मनमानी के कारण कई दिनों से खाद नहीं मिल रही है, जिससे आलू की बोआई प्रभावित हो रही है। खाद न मिलने पर किसानों ने हंगामा किया।
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समिति सचिव प्रांशु शुक्ला ने कहा कि शनिवार को किसानों का मशीन पर अंगूठा लगवाया गया था। रविवार को उन्हीं किसानों को गोदाम से खाद दी गई। उन्होंने कहा कि खाद सरकारी मूल्य पर ही वितरित की जा रही है। यदि किसी कर्मचारी ने अतिरिक्त रुपये लिए हैं, तो उन्हें वापस कराया जाएगा।
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खरीद पर्ची नहीं बनाई
गांव मुजहा के कमलेश ने बताया कि उन्होंने दिन में कागज जमा कर दिए, लेकिन खरीद पर्ची नहीं बनाई गई। खाद भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
चहेतों को खाद
जिलेदार ने बताया कि चार दिन पहले कागज जमा करने के बावजूद अब तक खिताब नहीं बनी है। आरोप है कि कर्मचारी अपने चहेतों को ही खाद दे रहा है।

फोटो-03, साधन सहकारी समिति हुसैनपुर हड़ाई में खाद के लिए खड़े किसान। संवाद

फोटो-03, साधन सहकारी समिति हुसैनपुर हड़ाई में खाद के लिए खड़े किसान। संवाद