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डीएम के औचक निरीक्षण से अफरातफरी

Thu, 05 Jul 2018 11:26 PM IST
अमरउजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
अमरउजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद Updated Thu, 05 Jul 2018 11:26 PM IST
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Fear of Dm's surprise inspection in farrukhabad
बाल विकास पुष्टाहार कार्यालय का निरीक्षण करती जिलाधिकारी मोनिका रानी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराो
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने गुरुवार को नवाबगंज ब्लाक क्षेत्र का निरीक्षण किया। अनियमितताएं मिलने पर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर का वेतन रोक दिया। सीएचसी में डाक्टर को उनके कपड़ों का हाल सही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बीआरसी व एबीआरसी के अनुपस्थित होने पर उनका वेतन काट दिया गया।
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 जिलाधिकारी बुधवार सुबह अचानक नवाबगंज ब्लाक के फथनपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंची। प्रधानाध्यापक प्रताप नारायण उपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि सहायक अध्यापक प्रमोद कुमार किताबें लेेने गए हैं। वहां खाना बनता मिला। डीएम ने मसाले आदि की भी जांच की। एमडीएम रजिस्टर व्यवस्थित न होने पर प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी। विद्यालय परिसर में गांव के ही शिवकुमार की गाय बंधी थी। इस पर शिवकुमार को बुलाकर फटकार लगाई। वहीं, अचरा पखीपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य बिहारी लाल मौजूद थे, शिक्षामित्र नदारद मिले। इसके अलावा डीएम ने अचरा बाकरपुर विद्यालय का भी निरीक्षण किया।  बीआरसी कार्यालय के निरीक्षण में एबीआरसी बाल किशन व शिवकुमार के अनुपस्थित होने पर दोनों का वेतन रोक दिया। कई शिक्षक जल्दी सूचना पाकर विद्यालयों में पहुंच गए।
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 जिलाधिकारी ने सीएचसी खलवारा का निरीक्षण किया। वहां फार्मासिस्ट विनीत सचान मिले। डीएम नवाबगंज सीएचसी पहुंची। वहां डाक्टर कल्पना राजपूत अनुपस्थित थीं। इनका वेतन रोक दिया। इस दौरान डीएम ने जींस टी शर्ट पहने सीएचसी के चिकित्साधिकारी को हड़काया। तभी वहां पहुंचे कार्यालय प्रभारी सोमेश अग्निहोत्री से देर से आने कारण पूछा। उन्होंने बताया कि विभागीय काम से कहीं गए थे।
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 सीडीपीओ कार्यालय पहुंची जिलाधिकारी ने सुपरवाइजर सुनीता उपाध्याय व रन्नो यादव से पंजीरी आदि के उठान की जानकारी ली। उन्होंने सुपरवाइजर से कहा कि आपके केंद्रों पर एक भी बच्चे नहीं मिले हैं। जांच कैसे करती हो। इस पर दोनों कोई जवाब नहीं दे पाईं। जिलाधिकारी ने वेतन रोक दिया। उन्होंने वहां के रैक आदि के अलाव सुपरवाइजरों के बैग तक की जांच की।


लिपिक घनश्याम को चेतावनी दी कि शिकायतें बहुत आ रहीं हैं। सुधर जाओ। शौचालय प्रगति आख्या पर एडीओ पंचायत प्रेम पाल से जानकारी ली गई। उन्होंने जिलाधिकारी से ग्राम विकास अधिकारी प्रभात यादव की शिकायत की। इस पर उन्होंने वीडीओ का भी वेतन रोक दिया।
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