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174 बेटियों के खाते में नहीं पहुंची धनराशि
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कायमगंज में हुए सामूहिक विवाह समारोह की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। 10 जून को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शादी के बंधन में बंधने वाली 174 बेटियों के खाते में अभी तक 35-35 हजार की धनराशि नहीं पहुंची है। शासन के आदेश हैं कि शादी वाले दिन ही यह धनराशि खातों में भेज दी जाए, लेकिन अफसर इसमें भी लापरवाही बरत रहे हैं।
योजना के तहत 10 जून को सातनपुर मंडी में 109 और कायमगंज में 65 बेटियों का विवाह कराया गया था। एक बेटी के विवाह पर सरकार 51 हजार रुपये खर्च करती है। पूरा आयोजन समाज कल्याण विभाग की देखरेख में कराया जाता है। शासन से निर्देश हैं कि विवाह वाले दिन देर रात अथवा सुबह तक बेटी के खाते में धनराशि पहुंच जानी चाहिए, मगर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 15 दिन बाद भी किसी भी बेटी के बैंक खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं।
कमालगंज के गांव बीबीपुर के प्रमोद ने अपनी बेटी रसना और सुगंधा का विवाह किया था। बताया कि अभी तक खातों में पैसा नहीं आया। जहानगंज के महमदपुर अमलैया की प्रिया के पिता सेमराज ने बताया कि अभी तक खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं। पता नहीं कब पैसा आएगा। पैसा आ जाए, तो बेटी का कुछ सहयोग हो जाए।
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ऐसे खर्च होते हैं 51 हजार रुपये
सामूहिक विवाह समारोह में पहले 35 हजार रुपये खर्च होते थे, मगर अब धनराशि 51 हजार कर दी गई है। इसमें 35 हजार रुपये बेटियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके अलावा 10 हजार रुपये में बक्सा, बिछुआ, पायल, कुछ बर्तन शामिल हैं। छह हजार रुपये पंडाल, खाना, जयमाल आदि में खर्च किए जाते हैं।
चेक पर हस्ताक्षर होते ही कर देंगे ट्रांसफर
ईओ रविंद्र कुमार ने बताया कि अवकाश पर जाने से पहले चेक बना दिए थे। पालिकाध्यक्ष के हस्ताक्षर होने हैं। शीघ्र ही हस्ताक्षर हो जाएंगे। उनकी कोशिश है कि सोमवार को कन्याओं के खातों में रुपये पहुंच जाएं।
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योजना के तहत 10 जून को सातनपुर मंडी में 109 और कायमगंज में 65 बेटियों का विवाह कराया गया था। एक बेटी के विवाह पर सरकार 51 हजार रुपये खर्च करती है। पूरा आयोजन समाज कल्याण विभाग की देखरेख में कराया जाता है। शासन से निर्देश हैं कि विवाह वाले दिन देर रात अथवा सुबह तक बेटी के खाते में धनराशि पहुंच जानी चाहिए, मगर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 15 दिन बाद भी किसी भी बेटी के बैंक खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं।
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कमालगंज के गांव बीबीपुर के प्रमोद ने अपनी बेटी रसना और सुगंधा का विवाह किया था। बताया कि अभी तक खातों में पैसा नहीं आया। जहानगंज के महमदपुर अमलैया की प्रिया के पिता सेमराज ने बताया कि अभी तक खाते में रुपये नहीं पहुंचे हैं। पता नहीं कब पैसा आएगा। पैसा आ जाए, तो बेटी का कुछ सहयोग हो जाए।
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ऐसे खर्च होते हैं 51 हजार रुपये
सामूहिक विवाह समारोह में पहले 35 हजार रुपये खर्च होते थे, मगर अब धनराशि 51 हजार कर दी गई है। इसमें 35 हजार रुपये बेटियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके अलावा 10 हजार रुपये में बक्सा, बिछुआ, पायल, कुछ बर्तन शामिल हैं। छह हजार रुपये पंडाल, खाना, जयमाल आदि में खर्च किए जाते हैं।
चेक पर हस्ताक्षर होते ही कर देंगे ट्रांसफर
ईओ रविंद्र कुमार ने बताया कि अवकाश पर जाने से पहले चेक बना दिए थे। पालिकाध्यक्ष के हस्ताक्षर होने हैं। शीघ्र ही हस्ताक्षर हो जाएंगे। उनकी कोशिश है कि सोमवार को कन्याओं के खातों में रुपये पहुंच जाएं।