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बाढ़ पीड़ितों को एक सप्ताह का मिलेगा राशन
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फर्रुखाबाद। जुलाई में बाढ़ की आशंका को देखते हुए अफसरों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ पीड़ितों को एक सप्ताह का राशन दिया जाएगा। इसके अलावा, 24 शरणालय बनाने के साथ ही 52 बाढ़ चौकियों के लिए जगह चिह्नित की गई हैं। बाढ़ में फंसने वाले ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए फर्म भी नामित हो गई है।
गंगा व रामगंगा का जलस्तर प्रति वर्ष जुलाई-अगस्त में बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी भर जाता है। इससे बाढ़ से घिरे ग्रामीणों का जनजीवन खासा प्रभावित होता है। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन ने ई-टेंडर के माध्यम से मेरठ की एशियन ट्रेडिंग कंपनी का चयन किया है। मांग के अनुसार ठेकेदार बाढ़ पीड़ितों को एक सप्ताह का राशन मुहैया कराएगा, जिससे किसी भी बाढ़ पीड़ित के साथ भूख से अनहोनी घटना न हो सके।
इसके अलावा, इस वर्ष बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका से 322 गांवों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन ने बाढ़ आने से पहले ही बचाव के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले 322 गांवों को चिह्नित कर इनमें 133 गांव लो-फ्लड, 112 गांव मीडियम फ्लड व 77 गांवों को हाई फ्लड की श्रेणी में रखा गया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक 177 गांव के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें 54 गांव हाई फ्लड में रखे गए हैं।
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तहसील कायमगंज के बाढ़ से प्रभावित होने वाले 113 गांव में 22 व तहसील सदर के 37 में से एक गांव को पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित होने की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। बाढ़ के दौरान पीड़ित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जनपद में 24 शरणालय बनाए गए।
वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र व गांवों की निगरानी के लिए 52 बाढ़ चौकियां चिह्नित कर इन पर कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। बाढ़ पीड़ितों के आवागमन के लिए 113 नाव सुरक्षित करने के साथ नाविक भी नामित कर दिए गए हैं। बाढ़ के पानी में डूबने से बचाने के लिए 83 गोताखोर भी तैयार रहेंगे।
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गंगा व रामगंगा का जलस्तर प्रति वर्ष जुलाई-अगस्त में बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी भर जाता है। इससे बाढ़ से घिरे ग्रामीणों का जनजीवन खासा प्रभावित होता है। बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन ने ई-टेंडर के माध्यम से मेरठ की एशियन ट्रेडिंग कंपनी का चयन किया है। मांग के अनुसार ठेकेदार बाढ़ पीड़ितों को एक सप्ताह का राशन मुहैया कराएगा, जिससे किसी भी बाढ़ पीड़ित के साथ भूख से अनहोनी घटना न हो सके।
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इसके अलावा, इस वर्ष बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका से 322 गांवों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन ने बाढ़ आने से पहले ही बचाव के लिए तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। बाढ़ से प्रभावित होने वाले 322 गांवों को चिह्नित कर इनमें 133 गांव लो-फ्लड, 112 गांव मीडियम फ्लड व 77 गांवों को हाई फ्लड की श्रेणी में रखा गया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक 177 गांव के प्रभावित होने की आशंका है। इनमें 54 गांव हाई फ्लड में रखे गए हैं।
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तहसील कायमगंज के बाढ़ से प्रभावित होने वाले 113 गांव में 22 व तहसील सदर के 37 में से एक गांव को पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित होने की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। बाढ़ के दौरान पीड़ित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जनपद में 24 शरणालय बनाए गए।
वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र व गांवों की निगरानी के लिए 52 बाढ़ चौकियां चिह्नित कर इन पर कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। बाढ़ पीड़ितों के आवागमन के लिए 113 नाव सुरक्षित करने के साथ नाविक भी नामित कर दिए गए हैं। बाढ़ के पानी में डूबने से बचाने के लिए 83 गोताखोर भी तैयार रहेंगे।