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फर्रुखाबादः लॉकडाउन में नौकरी गई तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने खोल लिया ढाबा

Mon, 13 Jul 2020 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 11:21 PM IST
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Farrukhabad: A computer operator opened a dhaba when a job went under lockdown
कायमगंज के जौरा रोड पर ढाबे पर ग्राहक चलाते रजनीश व काम करते लोग। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
रियाज अहमद
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कायमगंज। क्षेत्र के गांव पट्टिया निवासी कंप्यूटर ऑपरेटर की लॉकडाउन के दौरान नौकरी चली गई। तो उसने गांव के पास ढाबा खोलकर खुद के साथ अपने भाई व रिश्तेदार को भी रोजगार दिला दिया। उनके ढाबे पर रोजाना भीड़ लगी रहती है। चाट, पकौड़ी, समोसा खाने के लिए दूर-दूर से भी लोग पहुंचते हैं।

गांव पट्टिया निवासी रजनीश कुमार(35) बीए पास हैं। कंप्यूटर में फोटोशॉप पर काम करने में माहिर हैं। रजनीश जोधपुर में एक फोटो लैब में कंप्यूटर ऑपरेटर थे। 16 हजार रुपये वेतन मिलता था। इससे उनका परिवार का खर्च चलता था। छोटा भाई रिपुंज वहीं भवन निर्माण सामग्री सप्लाई की ठेकेदारी करता था। होली पर घर आए तो लॉकडाउन हो गया। दोनों भाइयों का रोजगार छिन गया। उनके पास जो जमा पूंजी थी वह भी खर्च हो गई। रजनीश ने रिश्तेदारों आदि से 60 हजार रुपये का इंतजाम किया। जौरा रोड पर कोल्ड स्टोरेज के पास एक ढाबा खोल लिया। ढाबे पर कचौड़ी, पकौड़ी, पूड़ी-सब्जी, जलेबी, समोसा आदि बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने एक नजदीकी को कारीगर के रूप में रख लिया। उससे धीरे-धीरे खुद भी काम सीख लिया। ढाबे के आसपास कई कोल्ड स्टोरेज, भट्ठे व तंबाकू के गोदाम हैं। यहां काम करने वाले मजदूरों की भीड़ लगने लगी। चाट, पकौड़ी का टेस्ट अच्छा होने यहां से गुजरने वाले लोग रुकने लगे। कुछ लोग दूर दराज से भी आने लगे। ढाबे पर बिक्री बढ़ी तो रजनीश ने अपने छोटे भाई रिपुंज के दोस्त हरदोई निवासी विवेक को भी साथ लगा लिया। इसके अलावा मौसेरे भाई अजय व शिवा को भी रोजगार दिलाया। रजनीश ने लॉकडाउन में खुद की नौकरी खोकर खुद तो कामयाबी पाई ही साथ ही परिवार व रिश्तेदारों को भी रोजगार दिलाया। अब उनका कहना है कि वे परिवार के साथ यहीं खुश हैं। नौकरी के लिए बाहर नहीं जाएंगे। बाहर नौकरी में कुछ बचता नहीं था। बस घर का खर्च ही चलता था।
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