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Farrukhabad News: बंदी के दिन कारखानों में रंगाई, गंगा में घुलता रहा जहर

Thu, 11 Jan 2024 12:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jan 2024 12:20 AM IST
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Dyeing in factories on the day of closure, poison kept dissolving in Ganga
फर्रुखाबाद। गंगाजल को शुद्ध बनाने की मंशा से हाईकोर्ट व प्रदूषण विभाग के आदेशों का अनुपालन नहीं हुआ। बुधवार को गंगा में गिर रहे नालों का डायवर्जन नहीं किया गया। कपड़ा कारखानों से निकली नालियों का रंगीन पानी छपाई और रंगाई की गवाही देता रहा। डीएम की ओर से बनाई गई टीम भी निरीक्षण के लिए नहीं निकली। प्रदूषण विभाग के जिम्मेदार भी बुधवार देर शाम तक नहीं पहुंचे।
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पांचाल घाट और प्रयागराज में माघ मेले में पहला मुख्य स्नान 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन है। प्रदूषण विभाग ने गंगा जल को शुद्ध करने की मंशा से 10 से 12 और 15 जनवरी को छपाई कारखानों समेत अन्य प्रदूषित पानी बहाने वाले उद्योगों को बंद रखने के निर्देश दिए थे। यही नहीं माधवपुर-टोकाघाट, धीमरपुरा नाला डायवर्ट किया जाना था, मगर बुधवार को इन आदेशों का पालन नहीं हुआ। इन दोनों नालों का गंदा पानी गंगा में मिलता रहा। यही नहीं सोता बहादुरपुर के दोनों नाले भी गंगा में प्रदूषित जल बहाते रहे।
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बंदी को सुनिश्चित करने के लिए डीएम की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बनी टीम ने भी निरीक्षण नहीं किया। टीम में शामिल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के सहायक पर्यावरण अभियंता अंकित कुमार मिश्र, जेएलए प्रसून पाल और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सुपरवाइजर डीसी दीक्षित भी बंदी सुनिश्चित करने नहीं आए। दोपहर में धूप खिलते ही कपड़ा छपाई कारखानों में छपाई शुरू कर दी गई।
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बारिश में छपाई के लिए गर्म टेबलों की व्यवस्था
शहर के मोहल्ला अंगूरीबाग में चार, खानपुर में एक छपाई कारखाने ऐसे हैं, जिनमें बारिश के दौरान भी छपाई बदस्तूर जारी रहती है। काफी क्षेत्रफल में फैले इन कारखानों में स्टीम पाइप से बनी गर्म टेबलें उपलब्ध हैं। इन गर्म टेबलों पर जब तक कारीगर छापकर दूसरी तरफ पहुंचते हैं, जब तक डिजाइन सूख जाती है। लिहाजा यहां घने बादलों में भी छपाई चालू रहती है। प्रदूषण विभाग के अधिकारी जानबूझ कर भी इन कारखानों की चेकिंग करने नहीं जाते। इससे नाले के रास्ते रंगीन प्रदूषित जल गंगा में मिलता है।
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-प्रदूषण विभाग के अधिकारी आए थे। नाला टेपिंग का काम शुरू कर दिया है। छपाई कारखानों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। बंदी के दिनों में यदि कोई चलता मिला, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

-सतीश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट, फर्रुखाबाद।
-सहायक पर्यावरण अभियंता अंकित कुमार को वाहन से भेजा गया है। उन्हें बंदी के दिनों में जिले में ही प्रवास करना है। कारखाना बंदी में कोई लापरवाही की जानकारी मिली, तो वह जांच कराएंगे।
-इं. अमित मिश्रा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर।
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