फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Devotees will take a dip in the polluted Ganges

धीमरपुर व सोता बहादुरपुर के नाले गिर रहे गंगा में

Wed, 10 Feb 2021 09:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 09:50 PM IST
विज्ञापन
Devotees will take a dip in the polluted Ganges
माधवपुर में गंगा की ओर जाता नाले का पानी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
मौनी अमावस्या पर भक्तों को प्रदूषित जल में डुबकी लगानी होगी। शासन ने गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

इसमें नालों की टैपिंग करना और जैविक उपचार (बायो रेमिडिएशन) के निर्देश हैं, लेकिन अफसरों ने इन कामों में सिर्फ औपचारिकता ही निभाई है। माधवपुर और भैरों घाट के पास एक टंकी से जैविक ट्रीटमेंट की व्यवस्था की गई है जबकि धीमरपुर और सोता बहादुरपुर के दो-दो नाले गंगा में सीधे गिर रहे हैं।
विज्ञापन

आठ फरवरी को सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई फरेश कुमार ने माधवपुर नाले का निरीक्षण किया था। इसके पानी को डायवर्ट बताया गया था, लेकिन बुधवार को नाला डायवर्ट नहीं मिला। इसमें एक टंकी से जैविक उपचार के लिए कुछ बूंदे टपकाई जा रही थीं। ग्रामीणों ने बताया कि 24 घंटे में एक बार टंकी भरी जाती है। रात तक पानी खत्म हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

धीमरपुरा के नाले में रंगीन पानी गंगा में गिर रहा था। इस नाले के पानी को गंगा में गिरने से रोकने की जरूरत नहीं समझी गई। यहां से बमुश्किल 100 मीटर दूर पांचाल घाट है। नाले का पानी और कपड़ा उद्योगों का रंगीन पानी गंगा में बह रहा है। एक अन्य नाला भी यहां गिर रहा। सोता बहादुरपुर में भी दो नाले गंगा में गिराए जा रहे हैं।
भैरोंघाट के पास पुलिया बनी है। उसके किनारे से तेज रफ्तार से गंदा पानी गंगा में जाता मिला। मंदिर के पास 1000 लीटर की टंकी रखी थी। वह जैविक उपचार के पदार्थ से आधी भरी थी। आसपास के लोगों ने बताया कि शाम तक यह खत्म हो जाएगी। दिन में 10 बजे के करीब इसे एक टैंकर से भरा जाता है। सब कुछ खानापूरी है।

माधवपुर में जब निरीक्षण किया था, तो नाला बंद था। मामूली पानी जा रहा था, उसका जैविक ट्रीटमेंट हो रहा था। गुरुवार को सभी वस्त्र छपाई कारखानों में काम नहीं होगा। यदि रंगीन पानी दिखा, तो संबंधित पर कार्यवाई की जाएगी। - फरेश कुमार, जेई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed