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सभी मार्गों पर रही खासी चौकसी, गंगा घाटों पर पहुंचे श्रद्धालु
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शमसाबाद के ढाईघाट पर गंगा स्नान को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : FARRUKHABAD
सख्ती के बाद भी गंगा घाट पर उमड़े आस्थावान
फर्रुखाबाद। पुलिस की सख्ती के बाद भी सोमवती अमावस्या पर भक्तों का रेला गंगा के घाटों पर उमड़ा। आस्थावानों ने गंगा में पावन डुबकी लगाकर दान किया और पुण्य कमाया। इस दौरान पुलिस कर्मी गंगा तटों को जाने वाले रास्तों पर डंडे फटकार कर लोगों को वापस भी करते रहे। बावजूद इसके लोगों की आस्था भारी पड़ती दिखी।
सोमवती अमावस्या पर भोर चार बजे से ही हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के उद्घोष से गंगा घाट गूंजने लगे। सुबह साढ़े पांच बजे से पुलिस ने सख्ती शुरू की। पांचालघाट पर जाने पर पाबंदी लगा दी, तो भक्तजन पगडंडियों के रास्ते भैरो घाट पहुंचे। वहां से नाव में बैठकर पांचाल घाट पर स्नान किया। पांचालघाट पर गंगा के दोनों तरफ सुबह से शाम तक भक्तों का पहुंचना जारी रहा। हालांकि कई स्थानों पर पुलिस ने काफी सख्ती दिखाई।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार ढाई घाट पर रविवार शाम से ही भोले के भक्तों का जमावड़ा लग गया। तमाम लोग बिना कांवर के ही गंगा स्नान कर जल लेकर शिवालयों की ओर रवाना हो गए। सोमवार सुबह से बड़ी संख्या में गंगा भक्तों ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। घाट पर पूजन-अर्चन भी किया गया।
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कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार श्रंगीरामपुर घाट पर आसपास गांवों से भक्तों का पहुंचना शाम से ही शुरू हो गया था। सुबह होते ही हर-हर गंगे उद्घोष के साथ गंगा में डुबकी लगाई और जल लेकर लोग रवाना हो गये।
बालू से ज्योतिर्लिंग का किया निर्माण
पांचाल घाट पर जय भोले बाबा कमेटी के पदाधिकारियों ने गंगा की बालू से भगवान रामेश्वरम की ज्योतिर्लिंग का निर्माण किया। लिंग का षोड़सोपचार पूजन किया गया। अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, जीतू बाजपेई, नीरज बाजपेई, विपिन बाजपेई, प्रिंस पांडेय, सोनू शुक्ला, राजा द्विवेदी, राजीव शुक्ला, चंदन सक्सेना, राम मोहन शुक्ला आदि भक्तजन मौजूद रहे।
सावन के तीसरे सोमवार को देवालयों के कपाट बंद
फर्रुखाबाद। सावन के तीसरे सोमवार को भगवान रुद्र का घरों में ही पूजन किया गया। शहर के प्रसिद्ध शिवालयों के कपाट बंद रहे और पुलिस का कड़ा पहरा रहा। भक्तों ने उपवास रख बाबा भोले की पूजा-अर्चना की। शहर के प्रसिद्ध शिवालय पांडवेश्वरनाथ में ताला लटका रहा। पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। इसके अलावा गुरगांव देवी, बढ़पुर मंदिर के भी कपाट बंद रखे गए।
कोतवालेश्वर नाथ मंदिर में सुबह कुछ देर के लिए कपाट खोले गए और पूजन के बाद बंद कर दिए गए। उधर नवाबगंज क्षेत्र के पुठरी स्थित शिव मंदिर में सावन के सोमवार को मेले जैसा माहौल रहता था। इस बार वहां भी बहुत कम संख्या में भक्त पहुंचे। कोरोना संक्रमण के चलते पुलिस भी भीड़ एकत्रित न हो इसलिए सख्ती बरत रही है। भक्तों ने घरों में विशेष पूजन कर भगवान रुद्र से संक्रमण से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।
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फर्रुखाबाद। पुलिस की सख्ती के बाद भी सोमवती अमावस्या पर भक्तों का रेला गंगा के घाटों पर उमड़ा। आस्थावानों ने गंगा में पावन डुबकी लगाकर दान किया और पुण्य कमाया। इस दौरान पुलिस कर्मी गंगा तटों को जाने वाले रास्तों पर डंडे फटकार कर लोगों को वापस भी करते रहे। बावजूद इसके लोगों की आस्था भारी पड़ती दिखी।
सोमवती अमावस्या पर भोर चार बजे से ही हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के उद्घोष से गंगा घाट गूंजने लगे। सुबह साढ़े पांच बजे से पुलिस ने सख्ती शुरू की। पांचालघाट पर जाने पर पाबंदी लगा दी, तो भक्तजन पगडंडियों के रास्ते भैरो घाट पहुंचे। वहां से नाव में बैठकर पांचाल घाट पर स्नान किया। पांचालघाट पर गंगा के दोनों तरफ सुबह से शाम तक भक्तों का पहुंचना जारी रहा। हालांकि कई स्थानों पर पुलिस ने काफी सख्ती दिखाई।
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शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार ढाई घाट पर रविवार शाम से ही भोले के भक्तों का जमावड़ा लग गया। तमाम लोग बिना कांवर के ही गंगा स्नान कर जल लेकर शिवालयों की ओर रवाना हो गए। सोमवार सुबह से बड़ी संख्या में गंगा भक्तों ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। घाट पर पूजन-अर्चन भी किया गया।
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कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार श्रंगीरामपुर घाट पर आसपास गांवों से भक्तों का पहुंचना शाम से ही शुरू हो गया था। सुबह होते ही हर-हर गंगे उद्घोष के साथ गंगा में डुबकी लगाई और जल लेकर लोग रवाना हो गये।
बालू से ज्योतिर्लिंग का किया निर्माण
पांचाल घाट पर जय भोले बाबा कमेटी के पदाधिकारियों ने गंगा की बालू से भगवान रामेश्वरम की ज्योतिर्लिंग का निर्माण किया। लिंग का षोड़सोपचार पूजन किया गया। अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, जीतू बाजपेई, नीरज बाजपेई, विपिन बाजपेई, प्रिंस पांडेय, सोनू शुक्ला, राजा द्विवेदी, राजीव शुक्ला, चंदन सक्सेना, राम मोहन शुक्ला आदि भक्तजन मौजूद रहे।
सावन के तीसरे सोमवार को देवालयों के कपाट बंद
फर्रुखाबाद। सावन के तीसरे सोमवार को भगवान रुद्र का घरों में ही पूजन किया गया। शहर के प्रसिद्ध शिवालयों के कपाट बंद रहे और पुलिस का कड़ा पहरा रहा। भक्तों ने उपवास रख बाबा भोले की पूजा-अर्चना की। शहर के प्रसिद्ध शिवालय पांडवेश्वरनाथ में ताला लटका रहा। पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। इसके अलावा गुरगांव देवी, बढ़पुर मंदिर के भी कपाट बंद रखे गए।
कोतवालेश्वर नाथ मंदिर में सुबह कुछ देर के लिए कपाट खोले गए और पूजन के बाद बंद कर दिए गए। उधर नवाबगंज क्षेत्र के पुठरी स्थित शिव मंदिर में सावन के सोमवार को मेले जैसा माहौल रहता था। इस बार वहां भी बहुत कम संख्या में भक्त पहुंचे। कोरोना संक्रमण के चलते पुलिस भी भीड़ एकत्रित न हो इसलिए सख्ती बरत रही है। भक्तों ने घरों में विशेष पूजन कर भगवान रुद्र से संक्रमण से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।