फर्रुखाबाद। नेपाल के मौलाना मो. शफीक ने कहा कि इस्लाम और तालीम का चोली-दामन का रिश्ता है। तालीम के बगैर कोई भी कौम तरक्की नहीं कर सकती। माता-पिता सरकारी वजीफे के इंतजाम किए बिना बच्चों को शिक्षा के आभूषणों से सुशोभित करें।
शहर के मोहल्ला खटकपुरा इज्जत खां में जलसा-ए-मोहम्मद में मौलाना मो. शफीक ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए मुसलमान तुरंत संभल जाएं। दिन-रात प्रयास करके शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को आगे बढ़ाएं। कहा कि तालीम की बुनियाद पर ही इंसान का इस कौम पर रुतबा बुलंद है। इसी के जरिए इंसान भलाई-बुराई में फर्क करता है और शिक्षित व्यक्ति ही समाज को नई दिशा की ओर मोड़ सकता है
। मौलाना ने कहा कि कौम की बदहाली के लिए सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की। अध्यक्षता कर रहे दरगाह हुसैनिया मुजीबिया के सज्जादानशीन शाह फसीह मुजीबी ने पढ़ा ‘ये रहमते आलम का एजाजे करम कहिए, हर कौम से कहती है सरकार हमारे हैं’। देर रात तक चले जलसे में हाफिज शारिक, मौलाना लईक, हाजी अहमद अंसारी, रफी अहमद, मो. मुरसलीन, खुर्शीद खां, शाहिद, पप्पू, शकील मंसूरी, मोहम्मद हामिद आदि मौजूद थे।