{"_id":"57167eec4f1c1b0b648b46e8","slug":"culpable-homicide-three-to-seven-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर इरादतन हत्या में तीन को सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर इरादतन हत्या में तीन को सात साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
supreme court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। गैर इरादतन हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत ईसीएक्ट के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने तीन लोगों को सात-सात साल की सजा सुनाई और दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव मिल्क सुल्तान निवासी रामानंद के खेत में गांव के पंचम सिंह के पशु घुस गए थे। पशुओं को भगाकर रामानंद ने पंचम सिंह से शिकायत की। इसी रंजिश में 1 जुलाई 2009 की शाम को पंचम सिंह, होरीलाल और कैलाश लाठी-डंडा व असलहे लेकर घर में घुस आए और गालीगलौज कर मारपीट करने लगे।
विरोध करने पर फायरिंग की। इसमें रामानंद के पुत्र जगराम व परिवार के हंसराम, आशाराम घायल हो गए। उपचार के दौरान जगराम की मौत हो गई। रामानंद ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव मिल्क सुल्तान निवासी रामानंद के खेत में गांव के पंचम सिंह के पशु घुस गए थे। पशुओं को भगाकर रामानंद ने पंचम सिंह से शिकायत की। इसी रंजिश में 1 जुलाई 2009 की शाम को पंचम सिंह, होरीलाल और कैलाश लाठी-डंडा व असलहे लेकर घर में घुस आए और गालीगलौज कर मारपीट करने लगे।
विज्ञापन
विरोध करने पर फायरिंग की। इसमें रामानंद के पुत्र जगराम व परिवार के हंसराम, आशाराम घायल हो गए। उपचार के दौरान जगराम की मौत हो गई। रामानंद ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन