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फर्रुखाबादः चोट के मिले निशान, नाक-मुंह दबाया गया था
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फर्रुखाबाद। सेवानिवृत्त जेलर के पुत्र गोविंद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्टमार्टम में सामने आया है कि शव मिलने से तीन दिन पहले गोविंद की मौत हुई थी। उसकी नाक और मुंह दबाया गया था। चोट के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने पंचों की राय पर रक्चाप बढ़ने से मौत होने की बात पंचनामा में लिखी थी। पुलिस की इस तरह की छानबीन से पोस्टमार्टम के डॉक्टर भी हैरान है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला तिवारी गली निवासी सेवानिवृत्त जेलर श्यामबाबू तिवारी का अविवाहित पुत्र गोविंद (50) मां शशि तिवारी के साथ रहता था। शशि एक सप्ताह पहले घर से बाहर गईं थीं। शुक्रवार को कमरे से बदबू आने पर किरायेदारों ने पुलिस को सूचना दी थी। गोविंद का शव बेड पर पड़ा मिला था। घुमना चौकी इंचार्ज ने परिजनों से मौत के बारे में जानकारी की तो उन्होंने रक्तचाप बढ़ने से मौत की बात कही थी।
चौकी इंचार्ज ने परिजनों की जानकारी के आधार पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शनिवार को चौकी इंचार्ज घुमना की रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी हैरान थे। उनका कहना था कि पुलिस ने कैसे जान लिया कि रक्तचाप बढ़ने से मौत हुई होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में तीन दिन पहले नाक-मुंह दबाने से दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। उसके मुंह व नाक पर तीन चोटों के निशान मिले हैं। इससे पुलिस को अब जांच करनी होगी कि गोविंद की नाक-मुंह किसने दबाई या किस तरह दबी जो उसकी मौत हो गई। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में अभी जानकारी नहीं है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजन स्वाभाविक मौत होने का कर रहे थे दावा
गोविंद की मौत के बाद शुक्रवार को उसके परिजन स्वाभाविक मौत होने का दावा कर रहे थे। ऐसे में परिजनों की कहानी भी कुछ अलग ही बयां कर रही थी। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस की छानबीन ही कुछ खुलासा कर सकती है।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला तिवारी गली निवासी सेवानिवृत्त जेलर श्यामबाबू तिवारी का अविवाहित पुत्र गोविंद (50) मां शशि तिवारी के साथ रहता था। शशि एक सप्ताह पहले घर से बाहर गईं थीं। शुक्रवार को कमरे से बदबू आने पर किरायेदारों ने पुलिस को सूचना दी थी। गोविंद का शव बेड पर पड़ा मिला था। घुमना चौकी इंचार्ज ने परिजनों से मौत के बारे में जानकारी की तो उन्होंने रक्तचाप बढ़ने से मौत की बात कही थी।
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चौकी इंचार्ज ने परिजनों की जानकारी के आधार पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शनिवार को चौकी इंचार्ज घुमना की रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी हैरान थे। उनका कहना था कि पुलिस ने कैसे जान लिया कि रक्तचाप बढ़ने से मौत हुई होगी।
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सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में तीन दिन पहले नाक-मुंह दबाने से दम घुटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। उसके मुंह व नाक पर तीन चोटों के निशान मिले हैं। इससे पुलिस को अब जांच करनी होगी कि गोविंद की नाक-मुंह किसने दबाई या किस तरह दबी जो उसकी मौत हो गई। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में अभी जानकारी नहीं है। जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिजन स्वाभाविक मौत होने का कर रहे थे दावा
गोविंद की मौत के बाद शुक्रवार को उसके परिजन स्वाभाविक मौत होने का दावा कर रहे थे। ऐसे में परिजनों की कहानी भी कुछ अलग ही बयां कर रही थी। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस की छानबीन ही कुछ खुलासा कर सकती है।