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छात्रा की हत्या कर शव दफनाने में युवक जेल गया
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कमालगंज। चार माह पूर्व लापता हुई छात्रा की नोएडा में बेरहमी से हत्या की गई थी। मुख्य आरोपी सचिन ने पुलिस को बताया कि उसने पांच मार्च को भाई की मदद से पहले रस्सी से गला दबाकर छात्रा की हत्या की, फिर कमरे से करीब 100 मीटर दूर ले जाकर रेलवे लाइन के किनारे फावड़े से शव के दो टुकड़े कर दिए।
छात्रा की हत्या के बाद वह जहानगंज थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले रिश्तेदार के घर पहुंचा। यहां कुछ दिन तक रहने के बाद वह कन्नौज में रहा और फिर गांव पहुंचा। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की पुत्री (14) इंटरमीडिएट की छात्रा थी। छात्रा 10 दिसंबर 2021 को लापता हो गई थी। मामले में पिता ने सहेली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पड़ोसी युवक सचिन का नाम प्रकाश में आया तो पुलिस ने मंगलवार को उसे व उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बुधवार रात सचिन ने पुलिस को बताया कि छात्रा नोएडा में है।
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इस पर पुलिस गुरुवार को सचिन व उसके पिता को लेकर नोएडा पहुंची। पुलिस ने सूरजपुर इलाके में युवक के बताए गए स्थान की खोदाई कराई तो छात्रा का धड़ मिला। इसके बाद सचिन से जब सिर के बारे में पूछा गया तो उसने पांच कदम दूरी पर फिर खोदाई कराई, वहां छात्रा का सिर मिला। शुक्रवार को नोएडा सेक्टर-64 के जिला अस्पताल में दो चिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया।
उधर, पुलिस आरोपी सचिन व उसके पिता खुशीराम को वापस थाने लाई। पूछताछ के बाद दोपहर को सचिन को कोर्ट से जेल भेज दिया गया। छात्रा की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने में सचिन के भाई का भी हाथ है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही नोएडा में रह रहा सचिन का भाई कमरे में ताला लगाकर भाग चुका था। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।
हत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं
छात्रा को ले जाकर उसे साथ रखने के बाद सचिन ने उसकी हत्या क्यों कर दी अभी तक इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस को सचिन ने पूछताछ में बस इतना बताया कि वह छात्रा से कह रहा था कि पुलिस के पास चलो, लेकिन वह मना कर रही थी। इस पर छात्रा की हत्या करने की बात पर कोई विश्वास नहीं कर रहा।
पूछताछ में सहेली ने पुलिस को बताया था कि छात्रा एक मोबाइल छिपाकर रखती थी। इस पर पुलिस ने छात्रा का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो उसमें पड़ोसी युवक सचिन से संगम की बातचीत होनी पाई गई। इस पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
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छात्रा की हत्या के बाद वह जहानगंज थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले रिश्तेदार के घर पहुंचा। यहां कुछ दिन तक रहने के बाद वह कन्नौज में रहा और फिर गांव पहुंचा। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
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थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की पुत्री (14) इंटरमीडिएट की छात्रा थी। छात्रा 10 दिसंबर 2021 को लापता हो गई थी। मामले में पिता ने सहेली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पड़ोसी युवक सचिन का नाम प्रकाश में आया तो पुलिस ने मंगलवार को उसे व उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बुधवार रात सचिन ने पुलिस को बताया कि छात्रा नोएडा में है।
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इस पर पुलिस गुरुवार को सचिन व उसके पिता को लेकर नोएडा पहुंची। पुलिस ने सूरजपुर इलाके में युवक के बताए गए स्थान की खोदाई कराई तो छात्रा का धड़ मिला। इसके बाद सचिन से जब सिर के बारे में पूछा गया तो उसने पांच कदम दूरी पर फिर खोदाई कराई, वहां छात्रा का सिर मिला। शुक्रवार को नोएडा सेक्टर-64 के जिला अस्पताल में दो चिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया।
उधर, पुलिस आरोपी सचिन व उसके पिता खुशीराम को वापस थाने लाई। पूछताछ के बाद दोपहर को सचिन को कोर्ट से जेल भेज दिया गया। छात्रा की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने में सचिन के भाई का भी हाथ है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही नोएडा में रह रहा सचिन का भाई कमरे में ताला लगाकर भाग चुका था। पुलिस उसकी तलाश में लगी है।
हत्या करने का कारण स्पष्ट नहीं
छात्रा को ले जाकर उसे साथ रखने के बाद सचिन ने उसकी हत्या क्यों कर दी अभी तक इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस को सचिन ने पूछताछ में बस इतना बताया कि वह छात्रा से कह रहा था कि पुलिस के पास चलो, लेकिन वह मना कर रही थी। इस पर छात्रा की हत्या करने की बात पर कोई विश्वास नहीं कर रहा।
पूछताछ में सहेली ने पुलिस को बताया था कि छात्रा एक मोबाइल छिपाकर रखती थी। इस पर पुलिस ने छात्रा का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो उसमें पड़ोसी युवक सचिन से संगम की बातचीत होनी पाई गई। इस पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।