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Farrukhabad News: अस्पतालों में खपत रजिस्टर नहीं, दवा कालाबाजारी की आशंका

Mon, 27 May 2024 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Mon, 27 May 2024 11:35 PM IST
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Consumption not registered in hospitals, fear of black marketing of medicines
फर्रुखाबाद। जिले के अधिकतर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में दवा का खपत रजिस्टर ही नहीं बनाया जाता। आशंका है कि नवाबगंज में फेंके गए 18 हजार कैप्सूल कालाबाजारी के लिए जा रहे थे। इतनी बड़ी मात्रा में एंटी बायोटिक कैप्सूल कहां से आए इसकी जांच चल रही है।
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जिले की स्वास्थ्य सेवाएं मनमाने तरीके से चल रही हैं। अधिकारियों का कर्मचारियों पर नियंत्रण न होने से स्वास्थ्य सेवाएं बद से बदतर होती जा रही हैं। मनमाने तरीके से ट्रांसफर-पोस्टिंग पाकर कर्मचारी अपने हिसाब से काम भी कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि प्रसूताओं से वसूली होने, हेल्थ वेलनेस सेंटरों में ताला जड़ा रहने या जल्दी बंद हो जाने व पीएचसी पर समय से पहले ताला पड़ना आम बात है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों का मांगपत्र के अलावा स्टॉक रजिस्टर भले ही बन जाए, लेकिन खपत रजिस्टर नहीं बनाया जाता है।
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इससे कितनी दवाई कब और किन मरीजों को दी गई, इसका कोई हिसाब नहीं रहता है। सीएमओ को निरीक्षण के दौरान हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर स्टॉक रजिस्टर अक्सर अपूर्ण मिला। नवाबगंज के मोहम्मदाबाद रोड स्थित जाकिर हुसैन ट्रस्ट के पास झाड़ियों में रविवार को एंटीबायोटिक 18000 कैप्सूल डॉक्सीसाईक्लीन पड़े देखे गए। बैच नंबर 1090 कैप्सूल के डिब्बे पर उत्पादन तिथि अक्तूबर 2023 व एक्सपायरी डेट सितंबर 2025 पड़ी है। बाजार में एक कैप्सूल की कीमत करीब 10 रुपये है।
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इतनी बड़ी मात्रा में यह कैप्सूल किस अस्पताल के हैं, यह कोई बताने को तैयार नहीं है। फिलहाल नवाबगंज सीएचसी में कैप्सूल रखवा दिए गए हैं। दूसरे दिन भी जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

इनसेट
पहले भी पकड़ी जा चुकीं दवाएं, कार्रवाई नहीं
सीएचसी शमसाबाद में फार्मासिस्ट के आवास पर जुलाई 2023 में जिलाधिकारी ने बड़ी मात्रा में दवाएं पकड़ी थीं। इसमें एंटी रैबीज इंजेक्शन भी शामिल थे। दवा सील करने के बाद जांच में दोनों फार्मासिस्ट दोषी पाए गए थे। जांच कमेटी ने निलंबन व स्थानांतरण की संस्तुति की थी। फिलहाल कार्रवाई अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ी है।



सीएमओ बोले, चल रही जांच, होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि कार्पोरेशन के ड्रग वेयर हाउस में स्टॉक पूरा मिला। सभी अस्पतालों में दवाई के स्टॉक की जांच चल रही है। उन्होंने एसीएमओ स्टोर डॉ.सर्वेश यादव को जांच सौंपकर शीघ्र ही रिपोर्ट मांगी है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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