फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   civic

डीजीपी के संज्ञान लेते ही सीओ सिटी को दी जांच

Wed, 18 Dec 2019 06:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 06:51 PM IST
विज्ञापन
civic
फर्रुखाबाद। बिना वेतन के सिपाही साढ़े तीन वर्ष तक वेतन लेता रहा। 12 दिसंबर को उसकी मौत के बाद जानकारी हुई है। यह प्रकरण सूबे के डीजीपी ने संज्ञान में लिया और मंगलवार रात एसपी से जानकारी की। बुधवार को इसकी जांच सीओ सिटी को सौंपी गई। एसपी ने कैश, गणना, अकाउंट में तैनात पुलिसकर्मियों को बुलाकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
विज्ञापन

मंगलवार रात डीजीपी ओमप्रकाश के कार्यालय से बिना ड्यूटी के सिपाही साढ़े तीन वर्ष तक वेतन कैसे लेता रहा और इसमें क्या कार्रवाई की गई की जानकारी एसपी डॉ. अनिल मिश्रा से फोन पर की गई। पूछे जाने पर बताया गया कि जांच के नाम पर अब तक कोई लिखित आदेश जारी ही नहीं किया गया है। ऐसे में सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड को जांच सौंपी गई।
विज्ञापन

बुधवार सुबह एसपी ने कैश पटल, गणना, अकाउंट, जीडी कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को तलब कर जानकारी ली। गणना के मुंशी का कहना था कि 4 अप्रैल 2016 को सिपाही नरेश सिंह यादव का जहानगंज तबादला होते ही जीडी कार्यालय में रिपोर्ट भेज दी थी। जीडी मुंशी का कहना था कि रिपोर्ट आई ही नहीं। कैश पटल से बताया गया कि जीडी से मिलान में जो सूची दी गई उससे वेतन की संस्तुति का बिल तैयार कर आरआई के हस्ताक्षर से अकाउंट शाखा में भेजा गया। एसपी ने कहा कि चूक तो सभी पटलों से हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरआई ने जांच रिपोर्ट तैयार कर कैश पटल पर फोड़ा था ठीकरा
अपने हस्ताक्षर से वेतन बिल भेजने वाले आरआई किश्वर अली ने पूरे प्रकरण में अपने को पाक साफ बताकर सारी गलती कैश पटल की बताकर रिपोर्ट भी तैयार कर ली। मंगलवार की रात रिपोर्ट लेकर एसपी से मिलने गए। अधिकारियों ने जानकारी की तो पता चला कि लाइन में जो भी हुआ वह आरआई की देखरेख में हुआ है। ऐसे में आरआई जांच करने का अधिकार ही नहीं रखते हैं। इस पर आरआई की रिपोर्ट नहीं ली गई।

गार्द की तैनाती में चलता है खेल
फर्रुखाबाद। पुलिस लाइन से पूरे जिले में 26 स्थानों पर गार्द लगाई गई है। गार्द, बैंकों, एसपी आवास, संकिसा, आफीसर्स कालोनी, एसपी कार्यालय, तीनों तहसीलों समेत कई स्थानों पर लगी है। काफी समय से गार्द में तैनात लोगों को हटाया गया। गार्द में तैनात पुलिस कर्मी गणना में साठगांठ कर ड्यूटी छोड़कर घर चले जाते हैं। बुधवार को एक सिपाही के मेरापुर गार्द में होने के बारे में एसपी ने आरआई किश्वर अली से पूछा तो वह जवाब नहीं दे पाए। इस पर एसपी ने कहा कि सभी अभिलेख लेकर आफिस में आना तभी बात करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed