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Farrukhabad News: केंद्रीय टीम का चार वस्त्र छपाई कारखानों में छापा
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फर्रुखाबाद। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश पर एक थर्ड पार्टी टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर फर्रुखाबाद में छापे मारे। टीम ने चार वस्त्र छपाई कारखानों की जांच की। यह कार्रवाई गंगा जल को रंगीन पानी से प्रदूषित करने की हकीकत देखने के लिए की गई।
दो सदस्यीय टीम में केंद्रीय बोर्ड से भेजे गए दो प्रोफेसर शामिल थे। उनके साथ उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अवर अभियंता दीपक कुमार भी थे। टीम ने अंगूरी बाग स्थित रूपकिशोर अजय कुमार डाइंग एंड प्रिंटिंग और एनआर इंटरनेशनल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वस्त्र छपाई की टेबलों की संख्या और कपड़ा रंगाई की डाई को समझा। उन्होंने इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के इनपुट और आउटपुट की भी जांच की। इसके बाद टीम गंगा दरवाजा स्थित अमेरिका डाइंग पहुंची। वहां से वे खानपुर स्थित आरआर प्रिंटिंग हाउस गए। कारखाना मालिक राहुल साध ने बताया कि उनका कारखाना कई साल से बंद है। अधिकारियों ने प्रिंटिंग के कमरे, रंगाई की मशीनें और ईटीपी का निरीक्षण किया।
यहां से गंगा दरवाजा स्थित अमेरिका डाइंग पहुंचे। यहां से अधिकारियों की टीम खानपुर स्थित आरआर प्रिंटिंग हाउस पहुंची। कारखाना मालिक राहुल साध ने अधिकारियों को बताया कि कई साल से कारखाना बंद चल रहा है। अधिकारियों ने प्रिंटिंग की सभी कमरे। रंगाई की मशीनें और ईटीपी का निरीक्षण करके फोटोग्राफ भी लिए। उन्होंने राहुल साध से कहा कि वह आगे चलाना चाहते हैं या नहीं, इसकी भी लिखित में जानकारी दें। अफसरों ने गेट का ताला लगवाकर कुछ फोटो भी खींचे। जेई दीपक कुमार ने बताया कि केंद्रीय थर्ड पार्टी टीम है। यह लोग अपना नाम भी नहीं बताते। उनसे कारखानों तक पहुंचाने के लिए सहयोग लिया जाता है। अपनी रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ही सौंपेंगे।
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टीम के आने पर अवैध कारखाने किए बंद
शहर और आसपास 150 से अधिक छपाई कारखाने चल रहे हैं। बारिश में बंदी के बाद अच्छी धूप के चलते कारखानों में काम तेजी से चल रहा है। केंद्रीय टीम आने की सूचना मिलते ही कई कारखाना संचालकों ने काम बंद कर दिया। हालांकि टीम के सिर्फ एनओसी प्राप्त चार कारखानों का ही निरीक्षण करना था।
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दो सदस्यीय टीम में केंद्रीय बोर्ड से भेजे गए दो प्रोफेसर शामिल थे। उनके साथ उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कानपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अवर अभियंता दीपक कुमार भी थे। टीम ने अंगूरी बाग स्थित रूपकिशोर अजय कुमार डाइंग एंड प्रिंटिंग और एनआर इंटरनेशनल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वस्त्र छपाई की टेबलों की संख्या और कपड़ा रंगाई की डाई को समझा। उन्होंने इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के इनपुट और आउटपुट की भी जांच की। इसके बाद टीम गंगा दरवाजा स्थित अमेरिका डाइंग पहुंची। वहां से वे खानपुर स्थित आरआर प्रिंटिंग हाउस गए। कारखाना मालिक राहुल साध ने बताया कि उनका कारखाना कई साल से बंद है। अधिकारियों ने प्रिंटिंग के कमरे, रंगाई की मशीनें और ईटीपी का निरीक्षण किया।
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यहां से गंगा दरवाजा स्थित अमेरिका डाइंग पहुंचे। यहां से अधिकारियों की टीम खानपुर स्थित आरआर प्रिंटिंग हाउस पहुंची। कारखाना मालिक राहुल साध ने अधिकारियों को बताया कि कई साल से कारखाना बंद चल रहा है। अधिकारियों ने प्रिंटिंग की सभी कमरे। रंगाई की मशीनें और ईटीपी का निरीक्षण करके फोटोग्राफ भी लिए। उन्होंने राहुल साध से कहा कि वह आगे चलाना चाहते हैं या नहीं, इसकी भी लिखित में जानकारी दें। अफसरों ने गेट का ताला लगवाकर कुछ फोटो भी खींचे। जेई दीपक कुमार ने बताया कि केंद्रीय थर्ड पार्टी टीम है। यह लोग अपना नाम भी नहीं बताते। उनसे कारखानों तक पहुंचाने के लिए सहयोग लिया जाता है। अपनी रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ही सौंपेंगे।
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टीम के आने पर अवैध कारखाने किए बंद
शहर और आसपास 150 से अधिक छपाई कारखाने चल रहे हैं। बारिश में बंदी के बाद अच्छी धूप के चलते कारखानों में काम तेजी से चल रहा है। केंद्रीय टीम आने की सूचना मिलते ही कई कारखाना संचालकों ने काम बंद कर दिया। हालांकि टीम के सिर्फ एनओसी प्राप्त चार कारखानों का ही निरीक्षण करना था।