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Farrukhabad News: वट सावित्री का पूजन कर सुहागिनों ने मांगी पति की लंबी उम्र
Mon, 26 May 2025 11:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 26 May 2025 11:46 PM IST
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मोहल्ला खड़ियाई में वट पूजन कर परिक्रमा करतीं सुहागिनें।
- फोटो : मोहल्ला खड़ियाई में वट पूजन कर परिक्रमा करतीं सुहागिनें।
फर्रुखाबाद। सुख-समृद्धि और सौभाग्य से जुड़े सावित्री व्रत पर महिलाओं ने अखंड सौभाग्य की कामना को व्रत रखकर पूजा अर्चना की। समूहों में महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा की और मन्नत का धागा बांधा। घरों में भी महिलाओं ने पूजन किया।
सोमवार को शहर के मोहल्ला पटेल पार्क, खड़ियाई, श्री पांडवेश्वरनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन व कांशीराम कॉलोनी हैवतपुर गढि़या स्थित शिव मंदिर आदि स्थानों पर लगे वट वृक्ष में सुहागिनों की भीड़ लगी थी। हाथों में पूजा की थाली लेकर सुहागिनों ने वट वृक्ष की आरती उतारकर रोली-चंदन का तिलक कर पूजन कर रही थीं।
सुहागिनों ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए मन्नतों का धागा बांधते हुए पति की लंबी उम्र की कामना की। मोहल्ला खड़ियाई में महिलाएं वृक्ष के चारों ओर बैठकर सामूहिक रूप से पूजन कर रही थीं। पूजन के बाद कन्याओं को खरबूजा आदि दान-दक्षिणा दी। पांडवेश्वरनाथ मंदिर में भी पूजन करने के लिए दोपहर बाद तक सुहागिनों की भीड़ लगी थी।
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वट सावित्री पूजन के पीछे यह है परंपरा
वट सावित्री पूजन के पीछे सदियों पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से भी वापस मांग लिए थे, तभी से इस परंपरा का निर्वहन होता चला आ रहा है। सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके वृत रखती हैं, बरगद के वृक्ष की परिक्रमा कर माता पार्वती और सावित्री का पूजन करती हैं।
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सोमवार को शहर के मोहल्ला पटेल पार्क, खड़ियाई, श्री पांडवेश्वरनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन व कांशीराम कॉलोनी हैवतपुर गढि़या स्थित शिव मंदिर आदि स्थानों पर लगे वट वृक्ष में सुहागिनों की भीड़ लगी थी। हाथों में पूजा की थाली लेकर सुहागिनों ने वट वृक्ष की आरती उतारकर रोली-चंदन का तिलक कर पूजन कर रही थीं।
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सुहागिनों ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए मन्नतों का धागा बांधते हुए पति की लंबी उम्र की कामना की। मोहल्ला खड़ियाई में महिलाएं वृक्ष के चारों ओर बैठकर सामूहिक रूप से पूजन कर रही थीं। पूजन के बाद कन्याओं को खरबूजा आदि दान-दक्षिणा दी। पांडवेश्वरनाथ मंदिर में भी पूजन करने के लिए दोपहर बाद तक सुहागिनों की भीड़ लगी थी।
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वट सावित्री पूजन के पीछे यह है परंपरा
वट सावित्री पूजन के पीछे सदियों पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से भी वापस मांग लिए थे, तभी से इस परंपरा का निर्वहन होता चला आ रहा है। सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके वृत रखती हैं, बरगद के वृक्ष की परिक्रमा कर माता पार्वती और सावित्री का पूजन करती हैं।