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फर्रुखाबादः बुक डिपो की फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों से हड़पे रुपये
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छात्रों को किताबें देतें शहर कोतवाल विनोद शुक्ला व पराग अग्रवाल। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। बुक डिपो की फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों से पांच हजार रुपये हड़प लिए गए। किताबें न मिलने पर छात्रों ने डीएम से गुहार लगाई। डीएम के आदेश पर शहर कोतवाल ने बुक डिपो के मालिक के सहयोग से छात्रों को किताबें उपलब्ध कराईं। बुक डिपो मालिक ने तहरीर दी है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला सेनापति निवासी पराग अग्रवाल की नेहरू रोड पर अग्रवाल बुक डिपो के नाम से दुकान है। कोरोना काल से ऑनलाइन किताबों की डिलीवरी भी शुुरू की। किसी ने सोशल मीडिया पर अग्रवाल बुक डिपो की फर्जी वेबसाइट बनाकर डाल दी। जहानगंज क्षेत्र के गांव जरारी निवासी छात्र अरशद, अनस, सादान ने फर्जी वेबसाइट पर पड़े मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
उधर से बोलने वाले ने बताया कि वह अग्रवाल बुक डिपो से बोल रहा है। दुकान अभी बंद चल रही है। ऑनलाइन डिलीवरी का काम चल रहा है। तीनों छात्रों ने फोन-पे एप से पांच हजार रुपये चार बार में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन कई दिन बीतने के बाद किताबें नहीं मिलीं।
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छात्रों ने उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो बात करने वाला टाल-मटोल करने लगा। छात्रों ने 18 जुलाई को थाना सहित एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। बुधवार को तीनों छात्रों ने डीएम संजय कुमार सिंह को प्रार्थना पत्र देकर किताबें दिलाने की मांग की। डीएम के आदेश पर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला ने पराग अग्रवाल से संपर्क किया।
पराग ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी कर किताबों के नाम पर लोगों से रुपये ठगने के आरोप में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि कई लोग इस तरह झांसे में आकर रुपये ट्रांसफर कर चुके हैं। पराग ने कोतवाल के कहने पर तीनों छात्रों को सभी किताबें उपलब्ध करा दीं। छात्र किताबें पाकर खुश हो गए।
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शहर कोतवाली के मोहल्ला सेनापति निवासी पराग अग्रवाल की नेहरू रोड पर अग्रवाल बुक डिपो के नाम से दुकान है। कोरोना काल से ऑनलाइन किताबों की डिलीवरी भी शुुरू की। किसी ने सोशल मीडिया पर अग्रवाल बुक डिपो की फर्जी वेबसाइट बनाकर डाल दी। जहानगंज क्षेत्र के गांव जरारी निवासी छात्र अरशद, अनस, सादान ने फर्जी वेबसाइट पर पड़े मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
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उधर से बोलने वाले ने बताया कि वह अग्रवाल बुक डिपो से बोल रहा है। दुकान अभी बंद चल रही है। ऑनलाइन डिलीवरी का काम चल रहा है। तीनों छात्रों ने फोन-पे एप से पांच हजार रुपये चार बार में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन कई दिन बीतने के बाद किताबें नहीं मिलीं।
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छात्रों ने उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो बात करने वाला टाल-मटोल करने लगा। छात्रों ने 18 जुलाई को थाना सहित एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। बुधवार को तीनों छात्रों ने डीएम संजय कुमार सिंह को प्रार्थना पत्र देकर किताबें दिलाने की मांग की। डीएम के आदेश पर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला ने पराग अग्रवाल से संपर्क किया।
पराग ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी कर किताबों के नाम पर लोगों से रुपये ठगने के आरोप में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि कई लोग इस तरह झांसे में आकर रुपये ट्रांसफर कर चुके हैं। पराग ने कोतवाल के कहने पर तीनों छात्रों को सभी किताबें उपलब्ध करा दीं। छात्र किताबें पाकर खुश हो गए।