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Farrukhabad News: एंबुलेंस के इंतजार में टूट रही सांस

Thu, 21 Nov 2024 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2024 11:51 PM IST
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Breathing hard while waiting for ambulance
फर्रुखाबाद। जिले में सरकारी एंबुलेंस सेवा भगवान भरोसे है। लेटलतीफी के चलते अब तो मरीजों की जान पर बनने लगी है। जिले में 108, 102 के अलावा एएलएस एंबुलेंस सेवा की 46 गाड़ियां है। इसके बावजूद गंभीर रोगियों को इसका समय से लाभ मिलना मुश्किल है।
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शिकायतों और समीक्षा के दौरान एंबुलेंस सेवा में आ रही दिक्कतों से जिलाधिकारी जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए लिख चुके हैं। बावजूद इसके एंबुलेंस सेवा गंभीर मरीजों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
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जिले के लोगों को बीमारी, दुर्घटना, प्रसव पीड़ा आदि के दौरान समय से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से 102, 108 की 43 और तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम (एएलएस) की एंबुलेंस चल रही हैं। यह एंबुलेंस जिले भर के मरीजों को सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल के अलावा कानपुर, सैफई आदि बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने का काम करती हैं।
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इन दिनों एंबुलेंस की सेवा मरीजों को मिलना बेहद कठिनाई भरा है। आए दिन लेटलतीफी की शिकायतें मिलना आम हो गई हैं। कई बार लोहिया अस्पताल से रेफर किए गए मरीज फोन करते मगर समय से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होती।

ऐसे में निजी एंबुलेंस का सहारा लेना मजबूरी होता है। एंबुलेंस सेवा में आ रहीं दिक्कतों के चलते कई बार जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक और शिकायतोें के चलते नाराजगी जता चुके हैं।
उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए भी लिखा। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होता दिख रहा है।
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