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अंतरजातीय विवाह करने से दोनों परिवारों ने सुभाष व रूबी से तोड़ा था नाता

Wed, 05 Feb 2020 07:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 05 Feb 2020 07:03 PM IST
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Both families had broken ties with inter-caste marriages
सुभाष बाथम के रूबी कठेरिया से विवाह करने से दोनों परिवारों व जाति के लोगों ने उनका बहिष्कार कर दिया था। दोनों जातियों के लोगों ने अपने यहां होने वाले कार्यक्रमों में उनको न्यौता देना बंद कर दिया था। अब उसी विरोध के चलते सुभाष की बेटी गौरी से उसकी दादी व नानी ने भी दूरी बना ली है।
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सुभाष बाथम ने जिला कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव अकबरपुर निवासी रूबी कठेरिया से अंतरजातीय विवाह किया था। इससे बाथम व कठेरिया बिरादरी के लोगों ने दंपति से दूरी बना ली थी। दोनों परिवारों ने उनसे रिश्ते खत्म कर लिए थे। वे किसी भी कार्यक्रम में उनको न्यौता नहीं देेेते थे।
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करथिया गांव में बाथम जाति के लोगों ने भी सुभाष का बहिष्कार कर दिया था। जिला मैनपुरी के थाना बेबर के गांव एकरियापुर में पुत्री के घर रह रही सुभाष की मां सगुना देवी को कुछ समय पहले लकवा मार गया था। ऐसे में वह अपने पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही है। उनको बोलने में भी दिक्कत है।
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दरोगा रामशरण यादव ने बताया कि वह सगुना देवी से मिलने गए थे। उसने पुत्र सुभाष का चेहरा देखने से भी इनकार कर दिया था। रूबी की बड़ी बहन आशा का करथिया गांव के वीरपाल कठेरिया से विवाह हुआ था। दो महीने से आशा अकबरपुर में अपनी मां लज्जावती के पास रहने चली गई।

उसके घर में ताला पड़ा है। लज्जावती ने भी बताया कि रूबी के सुभाष से विवाह करने रिश्ते खत्म कर लिए थे। रूबी उसके लिए उसी दिन मर गई थी जिस दिन उसने सुभाष से शादी की थी।
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